महाराष्ट्र : पुणे के कोंढवा इलाके में ईद-ए-मिलाद के जश्न के दौरान पुलिस आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। कोंढवा पुलिस ने साउंड सिस्टम और लेजर बीम लाइट के इस्तेमाल को लेकर दो स्थानीय ईद-ए-मिलाद सेलिब्रेशन मंडलों के पदाधिकारियों और उनके DJ ऑपरेटरों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आयोजकों और DJ संचालकों पर निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस आदेशों के उल्लंघन का आरोप
जानकारी के अनुसार, ईद-ए-मिलाद के अवसर पर कोंढवा क्षेत्र में जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि कार्यक्रमों के दौरान ध्वनि व्यवस्था और लेजर लाइट के इस्तेमाल को लेकर पहले से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कुछ मंडलों ने नियमों का पालन नहीं किया।
इसी आधार पर पुलिस ने संबंधित मंडलों के पदाधिकारियों और DJ ऑपरेटरों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
दो अलग-अलग मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, दोनों मामले 28 अगस्त की रात करीब 8:14 बजे और 8:20 बजे दर्ज किए गए।
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और 270 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 36 और 134 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
पहले मामले में इन पर कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, पहला मामला कोंढवा पुलिस स्टेशन से जुड़े पुलिस कॉन्स्टेबल सुभाष महादेव जरंडे की शिकायत पर दर्ज किया गया।
इस मामले में संदिग्धों की पहचान HF फ्रेंड सर्कल कमेला मंडल के अध्यक्ष उमर शब्बीर शेख और DJ ऑपरेटर गणपत तुकाराम कामथे (60) के रूप में की गई है।
गणपत कामथे पुणे के नंदे इलाके में स्थित नंदनवन सिटी के निवासी बताए जा रहे हैं।
DJ और लेजर लाइट को लेकर बढ़ी सख्ती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण और तेज रोशनी से लोगों को परेशानी हो सकती है।
इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
पुलिस का कहना है कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में नियमों का पालन करना जरूरी है।
आयोजकों की जिम्मेदारी तय
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम आयोजित करने वाले मंडलों की जिम्मेदारी होती है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
यदि कोई संगठन या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई
कोंढवा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई किसी विशेष समुदाय या कार्यक्रम के खिलाफ नहीं, बल्कि नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई है।
प्रशासन सभी सार्वजनिक आयोजनों में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। जांच के दौरान कार्यक्रमों के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों की जांच की जा सकती है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कोंढवा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे आम लोगों को परेशानी हो।