अवैध निर्माण मामले में ED ने Anil Pawar की संपत्ति 71 करोड़ रुपये की जब्त की
Mumbai मुंबई। Vasai-Virar सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) के पूर्व कमिश्नर अनिल पवार और बिल्डर सीताराम गुप्ता सहित अन्य लोगों की संपत्तियों को कुल 71 करोड़ रुपये मूल्य की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जब्त किया गया है। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत की गई है और Vasai-Virar में 60 एकड़ सरकारी और निजी भूमि पर 41 अवैध इमारतों के निर्माण की जांच का हिस्सा है। जांच में पता चला कि यह भूमि सेवेज ट्रीटमेंट प्लांट और डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित थी, लेकिन वहां अनधिकृत निर्माण किया गया। जब्त की गई संपत्तियों में भूमि के टुकड़े, आवासीय फ्लैट, फार्महाउस, वाणिज्यिक संपत्तियां और गोदाम शामिल हैं, जो Nashik, Thane और Malegaon में स्थित हैं।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ संपत्तियां अनिल पवार की पत्नी भारती पवार और उनके निदेशकत्व वाली कंपनियों जैसे M/s Janardan Agri, M/s BSR Realty, M/s J.A. Pawar Builders, और M/s Shrutika Enterprises के नाम पर हैं। ED की जांच में सामने आया कि पवार ने कई कंपनियां और एंटिटीज परिवार के सदस्यों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर बनाई, ताकि रिश्वत और अवैध धन को धोने (money laundering) का काम किया जा सके। जांच में यह भी पता चला कि अवैध रूप से अर्जित धन का उपयोग सोना, हीरा और मोती के आभूषण, महंगी साड़ियां, फार्महाउस, गोदाम और आवासीय परियोजनाओं की खरीद में किया गया, जो मुख्य रूप से उनकी पत्नी, बेटियों और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक जब्त की गई संपत्तियों में से 44 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को प्रावधानिक अटैचमेंट आदेश (PAO) के तहत जब्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि ये संपत्तियां पवार से संबंधित हैं और Vasai-Virar में अवैध निर्माण गतिविधियों से अर्जित अवैध धन का उपयोग कर खरीदी गई थीं। इस कार्रवाई से पता चलता है कि अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के मामलों में ED ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, ताकि संपत्ति और निवेशों की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की आगे की जांच जारी है और सभी संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की पूरी जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई शहरी भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण और बेनामी संपत्तियों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देती है। ED ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में ED की कार्रवाई से Vasai-Virar और आसपास के क्षेत्रों में भूमि और निर्माण संबंधित अवैध गतिविधियों की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह कदम भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ सरकारी कार्रवाई को मजबूती देने वाला साबित होगा।