Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र के अमरावती में नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में आग लगने की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अमीन पटेल ने कहा कि सरकार हर घटना के बाद केवल जांच की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजामों की नियमित जांच नहीं होती और मरीजों व उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि अमरावती की घटना कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता की स्थिति बनी हुई है।
सरकार केवल जांच करती है: अमीन पटेल
अमीन पटेल ने कहा, “ये सरकार केवल जांच ही करती रहती है। ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं और सरकार उस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित रह जाता है।
अमरावती NICU हादसे पर उठे सवाल
अमरावती के एक अस्पताल की NICU में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। NICU में नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है, ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है।
अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की मांग
अमीन पटेल ने कहा कि अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
महाराष्ट्र सरकार पर विपक्ष का हमला
NICU आग की घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। अमीन पटेल ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जांच के साथ-साथ ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अमरावती हादसे के बाद अब राज्यभर के अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।
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