ठाणे में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई 5.66 करोड़ की MD जब्त चार आरोपी गिरफ्तार
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ठाणे सिटी क्राइम ब्रांच के एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने दो अलग-अलग कार्रवाई में चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 2.48 किलोग्राम मेफेड्रोन (MD) जब्त करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 5.66 करोड़ रुपये है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
ठाणे पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीम शहर में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी से जुड़े लोगों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ लोगों के पास बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर अलग-अलग टीमों का गठन कर दो स्थानों पर कार्रवाई की गई।
पहली कार्रवाई ठाणे के घोड़बंदर रोड इलाके के पास की गई। यहां पुलिस टीम ने एक्सेस स्कूटर पर सवार दो संदिग्धों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से कथित तौर पर 567 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान मोजिज अब्दुल कादिर शेख (47) और तबरेज अब्दुल शेख (49) के रूप में बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के पास इतनी बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन कहां से आई थी और इसे किस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।
पहली कार्रवाई के बाद एंटी-नारकोटिक्स सेल को मिली जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद पुलिस ने कोपरी क्षेत्र के पास दूसरी कार्रवाई की। यहां दो अन्य संदिग्धों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक उनके कब्जे से करीब 1.915 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुई। पहली बरामदगी के मुकाबले दूसरी कार्रवाई में नशीले पदार्थ की मात्रा काफी अधिक थी।
दूसरी कार्रवाई में गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान अब्दुल रहमान मोहिउद्दीन कादिर शेख (33) और आबिद मोहम्मद अली शेख (27) के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ कर पुलिस नशीले पदार्थ की आपूर्ति करने वाले लोगों और इसे खरीदने वाले संभावित ग्राहकों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
दोनों कार्रवाई को मिलाकर पुलिस ने 2.48 किलोग्राम से अधिक मेफेड्रोन जब्त करने की बात कही है। इसकी अनुमानित कीमत 5.66 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि जब्त सामग्री की मात्रा और कीमत पुलिस के प्रारंभिक आकलन पर आधारित है। जांच और रासायनिक परीक्षण के बाद जब्त पदार्थ से संबंधित अंतिम विवरण स्पष्ट होगा।
मेफेड्रोन एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है और भारत में इसका अवैध कब्जा, बिक्री, खरीद तथा तस्करी एनडीपीएस कानून के तहत दंडनीय है। इस तरह के मामलों में जब्त मात्रा और आरोपी की भूमिका सहित विभिन्न तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
पुलिस की जांच का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा इस कथित ड्रग नेटवर्क की सप्लाई चेन का पता लगाना है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गिरफ्तार चारों आरोपियों का आपस में क्या संबंध है और क्या दोनों जगह हुई बरामदगी एक ही नेटवर्क से जुड़ी हुई है। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और हाल की गतिविधियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मेफेड्रोन की खेप ठाणे में ही बेची जानी थी या इसे मुंबई अथवा आसपास के किसी अन्य इलाके में भेजने की तैयारी थी। इसके अलावा ड्रग्स की आपूर्ति करने वाले मुख्य स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच में यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है।
ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र में पुलिस की अलग-अलग इकाइयां मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। एंटी-नारकोटिक्स सेल विशेष रूप से ड्रग सप्लायर, स्थानीय विक्रेता और उनके नेटवर्क की पहचान करने पर काम करती है। मौजूदा कार्रवाई में बड़ी मात्रा में कथित मेफेड्रोन बरामद होने के बाद जांच का दायरा सप्लाई नेटवर्क तक बढ़ाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के लिए यह पता लगाना भी अहम होगा कि गिरफ्तार संदिग्ध कितने समय से इस गतिविधि से जुड़े थे। उनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है। बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से कथित ड्रग कारोबार में पैसे के प्रवाह के संबंध में जानकारी मिल सकती है।
दो अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई में इतनी बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन मिलने से पुलिस को संगठित नेटवर्क की आशंका है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल गिरफ्तार चारों लोगों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों और सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
ठाणे सिटी क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल की इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब जब्त पदार्थ के स्रोत, सप्लाई चेन और संभावित खरीदारों से जुड़े सुराग जुटा रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।