Maharashtra हाराष्ट्र: शिरडी के उप-विभागीय अधिकारी माणिक अहेर ने शिरडी हवाई अड्डे के 25 किलोमीटर के दायरे में हवाई क्षेत्र में आकाश में तीव्र लेजर प्रकाश किरणों के उत्सर्जन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। शिरडी हवाई अड्डे पर दिन-रात उड़ान भरने वाले कई तरह के विमान और हेलीकॉप्टर हैं। रात में पायलटों को अपने विमान को नेविगेट करने और उसका पता लगाने में मदद करने के लिए रनवे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर पर रोशनी का इस्तेमाल किया जाता है। शिरडी हवाई अड्डे के 25 किलोमीटर के दायरे में उच्च शक्ति वाले लेजर पायलटों के ध्यान भटकाने और संभावित अक्षमता के कारण विमान संचालन में गंभीर व्यवधान पैदा कर सकते हैं।

बाजार में हाथ से पकड़े जाने वाले लेजर उपकरणों की कम कीमत और आसानी से उपलब्धता के कारण ऐसी घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जो उड़ान के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान पायलटों को विचलित या अस्थायी रूप से अक्षम कर देती हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि ऐसी गतिविधियाँ हवाई यातायात के लिए जोखिम बढ़ाएँगी यदि वे टेक-ऑफ और लैंडिंग के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान हवाई अड्डे के परिसर के आसपास होती हैं। अहेर ने कहा कि इन सभी कारकों पर विचार करते हुए उपरोक्त आदेश जारी किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हवाई यातायात बाधित न हो और कोई दुर्घटना न घटे।

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