हिंदू गौरव दिवस पर योगी ने किया कल्याण सिंह को नमन, बोले- ‘बाबूजी झुकने वाले नहीं थे’
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सच्चा पुरुषार्थी बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह की भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि बाबूजी दबाव में आकर काम करने वाले नेता नहीं थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को नमन कर की। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का पूरा राजनीतिक जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, सिद्धांतों और संघर्ष का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि बाबूजी अपने फैसलों से पीछे हटने वाले व्यक्ति नहीं थे और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
‘टूट सकता है, झुक नहीं सकता’
मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबूजी कहा करते थे कि ‘कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।’ योगी ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक नारा नहीं था, बल्कि उनके जीवन और कार्यशैली का परिचायक था।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने सत्ता और संघर्ष के बीच हमेशा अपने मूल विचारों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान भी कल्याण सिंह ने इसी दृढ़ता का परिचय दिया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह का संदेश स्पष्ट था कि संघर्ष स्वीकार है और सत्ता से दूर रहना भी स्वीकार है, लेकिन भगवान श्रीराम के अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी भावना ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में एक अलग पहचान दिलाई।
राम जन्मभूमि आंदोलन का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह ने राजनीतिक दबावों की परवाह किए बिना अपने निर्णय लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह के लिए सत्ता साध्य नहीं, बल्कि विचार और जनभावना के लिए काम करने का माध्यम थी। उन्होंने बाबूजी के जीवन को संघर्ष, त्याग और राष्ट्रहित से जोड़ते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन में गरीबों, पिछड़ों और वंचित वर्गों की आवाज उठाने का काम किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बाबूजी का राजनीतिक जीवन सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा रहा।
समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
‘हिंदू गौरव दिवस’ के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह की विरासत केवल एक राजनीतिक परिवार या संगठन की संपत्ति नहीं है, बल्कि उनके विचार और संघर्ष व्यापक समाज से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों को लेकर अलग-अलग रुख अपनाया, उन्हें आज देश और प्रदेश की जनता पहचान चुकी है।
हालांकि मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य केंद्र कल्याण सिंह का व्यक्तित्व और राम जन्मभूमि आंदोलन रहा। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने जिस दृढ़ता के साथ अपने निर्णय लिए, वह आज के राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए भी सीख है।
‘सच्चे पुरुषार्थी थे बाबूजी’
योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह को सच्चा पुरुषार्थी बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनके लिए राजनीति केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति को अपने विचारों और सिद्धांतों के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने जो निर्णय लिए, उनके पीछे उनकी स्पष्ट वैचारिक प्रतिबद्धता थी।
पांचवीं पुण्यतिथि पर जुटे समर्थक
कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग और समर्थक पहुंचे। कार्यक्रम का आयोजन ‘हिंदू गौरव दिवस’ के रूप में किया गया। स्टेडियम में कल्याण सिंह के राजनीतिक जीवन और उनके योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उनके सार्वजनिक जीवन, राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े योगदान और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कल्याण सिंह ने प्रदेश की राजनीति में एक अलग स्थान बनाया और लंबे समय तक सक्रिय रहकर संगठन तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पहचान कायम की।
राजनीतिक विरासत पर भी चर्चा
कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन में उनके व्यक्तित्व के साथ-साथ उनकी राजनीतिक विरासत का भी उल्लेख हुआ।
योगी ने कहा कि बाबूजी के विचारों को केवल स्मरण करने के बजाय उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण, संघर्ष के प्रति प्रतिबद्धता और विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ रहने की भावना उनके जीवन की प्रमुख विशेषताएं थीं।