भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती, सरकारी स्कूलों में खाली पद और स्कूलों के बंद होने जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। सिंघार ने शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर भोपाल में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पर्याप्त शिक्षक और संसाधन नहीं होंगे, तो प्रदेश शिक्षा और विकास के क्षेत्र में आगे कैसे बढ़ेगा।

सिंघार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सरकार से कई सवाल किए। उन्होंने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों की तबीयत बिगड़ने लगी है और उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम के पहुंचने की उम्मीद है।

भर्ती पद बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन

सिंघार ने कहा कि भोपाल में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी लगातार अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा योग्य उम्मीदवारों को रोजगार का अवसर मिल सके।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए उम्मीदवार पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय तक भोजन न करने के कारण कुछ अभ्यर्थियों की तबीयत खराब होने की बात भी सामने आई है।

उन्होंने सरकार से आंदोलनकारी उम्मीदवारों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में शिक्षकों के पद खाली हैं, तो भर्ती प्रक्रिया में पर्याप्त संख्या में पद क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे हैं।

खाली पदों और स्कूल बंद होने पर भी सवाल

उमंग सिंघार ने शिक्षक भर्ती के अलावा सरकारी स्कूलों में खाली पड़े पदों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता काफी हद तक पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता पर निर्भर करती है।

उन्होंने बीजेपी सरकार से यह भी सवाल किया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के बंद होने की स्थिति क्यों पैदा हो रही है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के बजाय यदि उन्हें बंद किया जाता है या उनमें पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होते, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ सकता है।

सिंघार ने अपने सवालों को व्यापक शिक्षा और विकास से जोड़ते हुए पूछा, “तो फिर मध्य प्रदेश शिक्षा और विकास की ओर कैसे बढ़ेगा?”

सरकार की शिक्षा नीति पर विपक्ष का हमला

मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। विपक्ष अलग-अलग मौकों पर सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है।

शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन भी इसी बहस का हिस्सा बन गया है। विपक्ष का तर्क है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा शिक्षक बनने के लिए योग्य हैं, लेकिन पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ पर्याप्त पद भी उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो।

आंदोलनकारियों की सेहत पर चिंता

भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों की सेहत को लेकर भी सिंघार ने चिंता जताई। उन्होंने बताया कि लगातार तीन दिनों से आंदोलन के कारण कुछ उम्मीदवारों की तबीयत बिगड़ी है।

ऐसे मामलों में लंबे समय तक भूखे रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए आंदोलन स्थल पर मेडिकल टीम द्वारा प्रदर्शनकारियों की जांच किए जाने की उम्मीद जताई गई है।

विपक्षी नेता ने सरकार से अपील की कि वह आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों की स्थिति को गंभीरता से ले और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करे।

सरकार से जवाब की मांग

सिंघार के सवालों के बाद अब सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है। विपक्ष की ओर से उठाए गए प्रमुख सवालों में शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या, खाली शिक्षक पद, सरकारी स्कूलों का संचालन और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति शामिल है।

कांग्रेस का कहना है कि केवल नई योजनाओं की घोषणा करने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और नियमित भर्ती जरूरी है।

वहीं, शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन सरकार के लिए एक अलग चुनौती बन गया है। यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं होता है, तो आंदोलन के और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल उमंग सिंघार ने शिक्षक भर्ती आंदोलन को प्रदेश की व्यापक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए बीजेपी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि जब शिक्षक पद खाली हैं और अभ्यर्थी भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार की वास्तविक योजना क्या है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन को लेकर उठाए जाने वाले कदम पर सभी की नजर रहेगी।

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