अलीराजपुर। नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अलीराजपुर जिले की उदयगढ़ पुलिस ने नशा विरोधी जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। पुलिस की टीम गांवों, स्कूलों, साप्ताहिक बाजारों और ग्राम पंचायतों में पहुंचकर लोगों को नशीली दवाओं के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक कर रही है।
यह अभियान राज्य सरकार की पहल ‘नशा से दूरी है जरूरी’ के तहत चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को नशे से दूर रखना है।
अभियान को अलीराजपुर पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमाथ बघेल और जोबट एसडीओपी आशुतोष पटेल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देश पर उदयगढ़ थाना प्रभारी बृजभूषण हिरवे और उनकी टीम लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की आदत से आर्थिक नुकसान, पारिवारिक विवाद, अपराध की प्रवृत्ति और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को नशे से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस टीम ने गांवों में बैठकों का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। इन बैठकों में लोगों को नशा मुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि केवल कार्रवाई से नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, इसके लिए समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
अभियान के तहत पुलिस ने क्षेत्र के सेकेंडरी, मॉडल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
स्कूलों में छात्रों को समझाया गया कि नशे से दूर रहकर वे अपनी पढ़ाई, खेल और करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक लक्ष्य तय करने और बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस ने युवाओं को बताया कि नशा उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता को प्रभावित करता है। कई बार युवा गलत संगत या जिज्ञासा के कारण नशे की शुरुआत करते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकती है। इसलिए शुरुआत से ही सतर्क रहना जरूरी है।
साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पुलिस ने लोगों को जागरूक किया। इन जगहों पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने नशे के खिलाफ संदेश पहुंचाने के लिए इन क्षेत्रों को अभियान का हिस्सा बनाया।
उदयगढ़ पुलिस का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक कर नशे से होने वाले नुकसान को समझाना है। पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास नशे से प्रभावित लोगों की मदद करें और उन्हें सही रास्ते पर लाने का प्रयास करें। साथ ही अभिभावकों से भी कहा गया कि वे बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करें।
अलीराजपुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में युवाओं को नशे से बचाने के लिए इस तरह के जागरूकता अभियानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक अभियान तैयार किया जाए।
उदयगढ़ पुलिस की यह पहल लगातार जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी गांवों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशा मुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा।