सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर नगर में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। वार्ड नंबर 12 में बारिश के पानी से भरी खंती में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। परिवारों में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा मोगरा रोड स्थित नर्मदा लिंक परियोजना के लिए एलएनटी कंपनी द्वारा खोदी गई खंती में हुआ। निर्माण कार्य के दौरान खोदी गई इस गहरी खंती में बारिश का पानी भर गया था। इसी पानी में नहाने के दौरान बच्चे हादसे का शिकार हो गए।
बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 12 निवासी सुबाल सिंह के दो बेटे पृथ्वीराज (12) और प्रशांत (16) अपने बुआ के बेटों दीक्षांत और अखिलेश सिंह (14) के साथ बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मोगरा रोड की ओर गए थे। बच्चे वहां घूमने के लिए पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारों बच्चे खंती में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी बच्चे भी पानी में उतर गए, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वे भी फंस गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की और घटना की सूचना पुलिस व प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची टीम ने बच्चों को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में पृथ्वीराज, प्रशांत और अखिलेश सिंह की मौत हो गई। वहीं, घटना के बाद परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में इस तरह की खतरनाक जगहों पर पानी भर जाता है। कई बार बच्चे खेलते-खेलते ऐसे स्थानों तक पहुंच जाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन और निर्माण कंपनी से मांग की है कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि खंती के आसपास सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी और बच्चों को वहां जाने से रोकने के लिए क्या इंतजाम थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कंपनियों को ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाने चाहिए, ताकि कोई व्यक्ति गलती से भी वहां न पहुंच सके। खासकर बारिश के दौरान गड्ढों और खंतियों में पानी भरने से खतरा बढ़ जाता है।
हादसे की खबर मिलते ही नगर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग बच्चों के परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे। लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बारिश के मौसम में जलभराव वाले क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गहरे गड्ढों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।
इछावर की इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन मासूम बच्चों की मौत से क्षेत्र के लोग गमगीन हैं और सभी की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।