सरकार ने तहबाजारी शुल्क पर लगाई रोक, फिर भी रायसेन शहर बाजार में नपा कर्मियों की अवैध वसूली जारी
Raisen। तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार ने 29 मई को हाथठेला, फेरी एवं रेहड़ी वालों की महापंचायत में हितग्राहियों के अनुरोध पर बाजार बैठकी-तहबाजारी शुल्क की प्रतिदिन की वसूली और ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद रायसेन बाजार बैठकी की वसूली जारी है।बताया जाता है कि नगरपालिका परिषद के जिम्मेदार जबरिया तह बाजारी शुल्क छोटे व्यापारियों से रोजाना वसूल कर जेबें भर रहे हैं।
इसको लेकर नपाध्यक्ष सविता जमना सेन ने शहर में पहुंच हाथ ठेला व्यवसायी को एकत्रित कर समझाइश दी। बताया कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ठेकेदारों के माध्यम से बाजार बैठकी-तहबाजारी शुल्क की वसूली नहीं की जाने के निर्देश दिए थे। साथ ही ये भी कहा था कि इसकी प्रतिदिन वसूली भी नहीं होना चाहिए।
बाजार बैठकी-तहबाजारी शुल्क की प्रतिदिन वसूली के लिए ठेके किए गये थे। उन्हें प्राप्त होने वाली आय का आकलन करके शेष अवधि के लिये ठेके निरस्त करने की कार्रवाई परिषद की बैठक में की जा रही है। साथ ही बैठक में प्रतिदिन वसूली के स्थान पर अर्द्धवार्षिक-वार्षिक दरों का निर्धारण किया है। ठेले वालों को नगर पालिका में पथ कर स्ट्रीट वेंडर पंजीयन कराना होगा, पंजीयन के पश्चात उनसे किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।
नपा परिषद रायसेन दे रही अतिक्रमण को बढ़ावा.....
रायसेन शहर में नगर पालिका परिषद ही सड़क किनारे फुटपाथ पर अतिक्रमण को बढ़ावा दे रही है।रोजाना नपा के अधिकारी जनप्रतिनिधियों द्वारा तहबाजारी शुल्क 20 रुपये 50 रुपये वसूल कर बाकायदा पर्ची व्यापारियों को थमाई जा रही है।पर्ची में स्पष्ट लिखा जा रहा है अतिक्रमण।इसी का नतीजा है कि शहर में चाहे सागर रोड़ हो या भोपाल या फिर साँची विदिशा रोड़ इंडियन चौराहे पर सड़क किनारे अतिक्रमण कर फल सब्जी चाट पकोड़े वाले गन्ना जूस आम रस मौसंबी जूस लस्सी हाथठेलों की भरमार बनी हुई है।जिससे अतिक्रमण की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था जाम होती है।
6 और 12 माह के पास नगर पालिका बनाएगी.....
6 माह का पास 2000 रुपए में बनेगा। वहीं 12 माह का पास 4000 रुपए में बनाया जाएगा। इसके बाद नगर पालिका परिषद रायसेन की ओर से सभी को पास बनाकर दिए जाएंगे। साथ ही ठेले खड़े करने की व्यवस्था भी कराई जाएगी। पास बनने के बाद किसी प्रकार की वसूली ठेला व्यापारियों से नहीं की जाएगी।