Raisen: श्री रामलीला का मैदानी मंचन श्रीराम सुग्रीव की मित्रता और बाली वध का हुआ मंचन
Raisen, रायसेन ।शहर में चल रही श्री रामलीला में सोमवार को कलाकारों के द्वारा श्री राम सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला प्रसंग का आकर्षक मंचन किया। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक और शहर के व्यापारी वर्ग के लोग भी लीला देखने के लिए पहुंचे।
रामलीला संचालन समिति के प्रमुख पंडित राजेंद्र प्रसाद शुक्ला मेला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी के अनुसार भगवान श्रीराम लक्ष्मण ऋषि मूक पर्वत की ओर चल देते हैं। जब ऋषि मूक पर्वत के पास भगवान राम लक्ष्मण को सुग्रीव आते देखते हैं तो कहते हैं कि हनुमान आप जाकर देखो वनवासी के रूप में कौन घूम रहे हैं। इस प्रकार से हनुमान जी भगवान श्री राम लक्ष्मण के पास पहुंचते हैं पहले पहचानने से इनकार करते हैं। लेकिन जब भगवान राम उन्हें पूरा परिचय देते हैं तो हनुमंत लाल खुश हो जाते हैं और यहीं से प्रभु राम और लक्ष्मण के मित्रता होने के बाद उनके साथ हो जाते हैं।
आगे चलकर भगवान राम-लक्ष्मण की किस किष्किंधा के राजा सुग्रीव से भेंट होती है। यहां सुग्रीव अपना सारा हाल-चाल बताते हुए कहते हैं कि मेरा भाई बाली बड़ा बलशाली है। उसने मेरी पत्नी को भी अपने घर पर रखा है, हे भगवान राम आप मेरी मदद कीजिए।
भगवान श्री राम सुग्रीव को बाली से युद्ध करने के लिए भेजते हैं ।लेकिन सुग्रीव लड़ने के लिए चल देता है ।काफी देर तक बाली और सुग्रीव दोनों भाइयों के बीच घनघोर युद्ध होता है ।वहीं थोड़ी दूर प्रभु श्री राम एक पेड़ की आड़ में छुपकर बाली को बाण मार देते है। जिससे बाली जमीं पर धराशाई हो जाता है। कल रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन किया जाएगा।