भोपाल : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित करीब 1100 साल पुराने जैन मंदिर के संरक्षण की तैयारी की जा रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई की योजना मंदिर के पत्थरों को सावधानीपूर्वक अलग करने, उनका संरक्षण करने और नए चबूतरे पर संरचना को दोबारा स्थापित करने की है। पहाड़ी पर स्थित इस प्राचीन धरोहर को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में दो साल से अधिक समय लगने की संभावना बताई गई है। 

प्रकाशित रिपोर्टों में मंदिर का संबंध प्रतिहार काल से बताया गया है। संरक्षण कार्य के तहत इसकी संरचना को खोलकर दोबारा तैयार किया जाएगा। ऐसे काम में मूल पत्थरों और स्थापत्य की पहचान बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है, ताकि मरम्मत के बाद भी स्मारक का ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित रहे। 
मंदिर के हिस्सों को अलग करने की योजना का उद्देश्य प्राचीन संरचना को संरक्षण देना है। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग किए गए पत्थरों की मरम्मत और संरक्षण के बाद मंदिर को नए आधार पर पुनर्स्थापित किया जाएगा। काम की लंबी अवधि इसकी जटिलता को दर्शाती है। 
हालांकि, उपलब्ध विवरण में परियोजना की लागत, काम शुरू होने की निश्चित तारीख और मंदिर के अलग किए जाने वाले हिस्सों की संख्या स्पष्ट नहीं है। इन बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद संरक्षण कार्य की पूरी रूपरेखा स्पष्ट हो सकेगी।

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