Madhya Pradesh मध्य प्रदेश। आगामी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए इंदौर जिले में SIR (Systematic Investigation of Records) के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों को इसकी दिशा-निर्देशों और समय-सीमा के बारे में जानकारी देते हुए सहयोग की अपील की है। जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा SIR प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। इसके तहत दूसरे चरण में प्रशासन को बूथ-स्तरीय जांच और मतदाता सूची के अद्यतन कार्यों पर विशेष ध्यान देना है।
कलेक्टर वर्मा ने कहा, “निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हमने जिले के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की है। उन्हें SIR प्रक्रिया की रूपरेखा, कार्यान्वयन की समय-सीमा और आयोग की अपेक्षाओं के बारे में अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सटीकता पर आधारित है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी मतदाता को सूची से वंचित न किया जाए और सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित हो।
कलेक्टर वर्मा ने आगे कहा, “हमने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें। जिन मतदाताओं के नाम या विवरण में त्रुटि है, उन्हें सुधारने में प्रशासन का साथ दें। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंदौर जिले की मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन रहे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और संबंधित राजस्व अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि वे मतदाता सूची में किसी भी विसंगति को समय रहते ठीक कर सकें।
इसी के साथ प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है, जिसमें मतदाताओं को अपने नाम, पते और पहचान संबंधी विवरण की जांच करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम, पंचायत और शैक्षणिक संस्थानों की मदद ली जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने कहा, “हमने एक तय टाइमलाइन बनाई है और उसी के अनुसार कार्य कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग से जो भी दिशा-निर्देश आएंगे, उनका पालन सख्ती से किया जाएगा।”
इस दौरान सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान कई दलों ने भी सुझाव दिए ताकि प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि SIR का यह दूसरा चरण आगामी चुनावों की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे मतदाता सूची की सटीकता और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।