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डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स
Delhi दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) अगले 3 से 4 घंटों में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा। विभाग के अनुसार, यह तूफान मचिलिपटनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास तट से टकराएगा। इस दौरान 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो कुछ इलाकों में 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। आईएमडी ने बताया कि “मोंथा” वर्तमान में उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों तक इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लैंडफॉल करेगा। विभाग के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले 3 से 4 घंटे तक जारी रहेगी, जिसके दौरान तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी।
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, अमलापुरम, नरसापुर, राजमुंदरी, मचिलिपटनम और विशाखापत्तनम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से तटीय क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें प्रभावित जिलों में तैनात कर दी गई हैं। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, “चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ की तीव्रता फिलहाल गंभीर श्रेणी में है। यह अगले कुछ घंटों में आंध्र तट से टकराएगा। हमने राज्य सरकार को सभी एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए हैं।”
राज्य सरकार ने सभी तटीय जिलों में आपदा प्रबंधन केंद्रों को अलर्ट पर रखा है। मत्स्य विभाग ने मछुआरों को अगले 48 घंटे तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है। मचिलिपटनम और काकीनाडा के बंदरगाहों पर जहाजों की आवाजाही रोक दी गई है, जबकि समुद्री किनारों पर सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि तटीय गांवों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया जाए और बिजली, पेयजल और चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सरकार ने राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंध किया है।
भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड ने भी तटीय निगरानी बढ़ा दी है। नौसेना के जहाज और हेलिकॉप्टर बचाव कार्यों के लिए तैयार रखे गए हैं। काकीनाडा और विशाखापत्तनम के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ इलाकों में तेज हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को गिरा रही हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ‘मोंथा’ बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिम क्षेत्र में कम दबाव के कारण बना था, जिसने पिछले 48 घंटों में तेजी से चक्रवाती रूप धारण किया। यह फिलहाल धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना के बावजूद अगले 12 घंटे तक भारी वर्षा और तेज हवाओं का कारण बना रहेगा।
IMD ने चेतावनी दी है कि पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में 200 मिमी तक वर्षा हो सकती है। वहीं ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों और तेलंगाना के कुछ इलाकों में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को अलर्ट पर रखा है। स्कूलों और कॉलेजों को मंगलवार तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। आईएमडी ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर तीन घंटे में अपडेट जारी किया जाएगा। विभाग ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
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