Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में श्री अरबिंदो ग्रुप ने अपने मोहक बैरिएट्रिक्स एंड रोबोटिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘MedBot Toumai’ की शुरुआत की है। इस नई तकनीक की स्थापना मंगलवार को की गई, जिसके बाद क्षेत्र में एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद बढ़ गई है।
इस पहल को हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा तकनीक को क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस सिस्टम के आने से अब जटिल सर्जरी भी अधिक सटीकता, सुरक्षा और कम जोखिम के साथ की जा सकेगी।
Sri Aurobindo Group के तहत संचालित श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SAIMS) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मोहक भंडारी ने बताया कि ‘मेडबॉट टौमाई’ वर्तमान में उपलब्ध सबसे उन्नत सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम में से एक है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से डॉक्टरों को जटिल ऑपरेशनों में बेहतर नियंत्रण और उच्च स्तर की सटीकता मिलेगी।
यह रोबोटिक सिस्टम कई आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है, जिसमें 5G-इनेबल्ड टेली-सर्जरी क्षमता, मल्टी-आर्म फ्लेक्सिबिलिटी और 3D हाई-डेफिनिशन विज़न शामिल हैं। इन विशेषताओं के कारण सर्जन दूर से भी ऑपरेशन को नियंत्रित कर सकते हैं और अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर सर्जरी कर सकते हैं। इससे मरीजों के लिए रिकवरी टाइम कम होने और जटिलताओं की संभावना घटने की उम्मीद है।
डॉक्टरों के अनुसार, इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मानव हाथों की सीमाओं को काफी हद तक कम कर देती है। रोबोटिक आर्म्स की सटीक मूवमेंट और हाई-डेफिनिशन विज़न के कारण ऑपरेशन के दौरान छोटे से छोटे हिस्से को भी स्पष्ट रूप से देखा और नियंत्रित किया जा सकता है।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस नई सुविधा से मध्य भारत के मरीजों को बड़े महानगरों या विदेशों में इलाज कराने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी। अब जटिल सर्जरी जैसे बैरिएट्रिक, यूरोलॉजी और अन्य सुपर स्पेशियलिटी प्रक्रियाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में रोबोटिक सर्जरी का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन यह तकनीक अब तक सीमित बड़े शहरों तक ही केंद्रित थी। ऐसे में मध्य भारत में इस तरह की अत्याधुनिक व्यवस्था का शुरू होना क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।
अस्पताल ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में इस सिस्टम का उपयोग बढ़ाकर अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ देने की योजना है। इसके साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को भी इस तकनीक के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कुल मिलाकर, ‘मेडबॉट टौमाई’ की शुरुआत मध्य भारत में आधुनिक चिकित्सा तकनीक के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और तेज़ इलाज मिलने की उम्मीद है।