भोपाल : मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।

मृतक महिला की पहचान रीवा जिले के हटवा गांव निवासी कल्पना मिश्रा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, प्रसव पीड़ा के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान महिला और उसके गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
‘पापा मुझे बचा लो...’ वीडियो ने मचाई हलचल
घटना के बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें महिला कथित तौर पर रोते हुए अपने पिता से मदद मांगती नजर आ रही है। वीडियो में महिला के यह कहते हुए सुनाई देने का दावा किया जा रहा है कि “पापा मुझे बचा लो, ये लोग मुझे मार डालेंगे।” इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिवार का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान समय पर उचित इलाज नहीं मिला और अस्पताल स्टाफ का व्यवहार भी ठीक नहीं था। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार महिला की हालत गंभीर थी और उसे कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं थीं।
दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारी निलंबित
मामले में कार्रवाई करते हुए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर और एनेस्थीसिया विभाग की डॉक्टर समेत चार स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
पांच सदस्यीय जांच समिति गठित
घटना की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। समिति तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम प्रक्रिया भी कराई जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार और चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रीवा की इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है।
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