भोपाल/खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से विधायक कंचन मुकेश तन्वे ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी 11 प्रमुख मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं और लंबित विकास परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने का आग्रह किया। इनमें सड़क निर्माण, नगर निगम भवन, तहसील भवन, सिंचाई परियोजना, खेल सुविधाएं, गौशाला और हवाई अड्डे जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री को लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण कार्यक्रम के लिए खंडवा आने का निमंत्रण भी दिया। साथ ही उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और प्रस्तावित विकास कार्यों का शिलान्यास कराने का अनुरोध किया। विधायक का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में सड़क संपर्क, कृषि, व्यापार और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक कंचन तन्वे ने सबसे प्रमुख मांग खंडवा-मूंदी सड़क परियोजना को लेकर रखी। लगभग 180 करोड़ रुपये की इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधायक ने सड़क परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया। खंडवा और मूंदी के बीच बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

विधायक ने 25 करोड़ रुपये की लागत वाले नहालदा-भंडारिया कृषि कॉलेज-तीथिया जोशी बाईपास से संबंधित मांग भी रखी। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करना है। बाईपास बनने से आसपास के गांवों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है। इसके अलावा कृषि उपज और अन्य सामान के परिवहन में आसानी होने की संभावना है।

शहर की प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विधायक ने नौ करोड़ रुपये की लागत वाले नए नगर निगम भवन का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस परियोजना से संबंधित आवश्यक कार्यवाही को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। नया भवन बनने से नगर निगम के विभिन्न विभागों को बेहतर कार्यस्थल और नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध हो सकती है।

इसके साथ ही नई तहसील इमारत का विषय भी मुख्यमंत्री के सामने रखा गया। तहसील कार्यालय से राजस्व, जमीन के रिकॉर्ड, नामांतरण और अन्य प्रशासनिक कार्य जुड़े होते हैं। ऐसे में बेहतर भवन और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को सरकारी कार्यों के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

विधायक कंचन तन्वे ने मुख्यमंत्री से गणेश गौशाला के विकास और वहां आवश्यक सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की। इस गौशाला में 500 से अधिक गायों के रहने की जानकारी दी गई है। विधायक ने गौशाला की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। बड़ी संख्या में गोवंश होने के कारण चारा, पानी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

सड़क निर्माण से जुड़ी एक अन्य मांग में विधायक ने तीथिया जोशी-सिरपुर सड़क के लिए वित्तीय स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से विधायक ने 11 करोड़ रुपये की लागत वाली हाईटेक नर्सरी का शिलान्यास कराने की मांग भी रखी। इस परियोजना से आधुनिक पौध उत्पादन और उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा किसानों को उन्नत पौध सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

विधायक ने प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास का आग्रह भी मुख्यमंत्री से किया। उन्होंने क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से युवाओं को खेल अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए विधायक ने तीन पुलियों वाले ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का ध्यान इस परियोजना की ओर आकर्षित करते हुए इसे शीघ्र पूरा कराने की आवश्यकता बताई। ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के दौरान विधायक ने जावर-सिंहाड़ा माइक्रो लिफ्ट सिंचाई योजना में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इस योजना की प्रगति पर चिंता जताते हुए देरी के कारणों की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। सिंचाई परियोजनाओं का समय पर पूरा होना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।

खंडवा के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए विधायक कंचन तन्वे ने जिले में हवाई अड्डा स्थापित करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने कहा कि खंडवा में हवाई अड्डे की सुविधा विकसित होने से केवल स्थानीय लोगों को ही नहीं, बल्कि हरदा, बैतूल, खरगोन और बुरहानपुर जैसे आसपास के जिलों को भी लाभ मिल सकता है। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि इस प्रस्ताव पर किसी स्वीकृति या निर्माण कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।

विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण कार्यक्रम के अवसर पर खंडवा आएं। इस दौरान पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लोकार्पण और नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री का दौरा तय होने पर विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा और नई घोषणाओं की संभावना बन सकती है।

खंडवा विधानसभा क्षेत्र में सड़क, सिंचाई और प्रशासनिक सुविधाओं से संबंधित परियोजनाएं स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर हो सकता है, वहीं किसानों को सिंचाई और बाजार तक पहुंच की सुविधा मिल सकती है। शहर में नए प्रशासनिक भवन तथा खेल सुविधाओं का विकास भी नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

इससे पहले भी विधायक कंचन तन्वे खंडवा-मूंदी सड़क और अन्य विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुकी हैं। अगस्त 2026 में उन्होंने मुख्यमंत्री को खंडवा-मूंदी सड़क की घोषणा और अन्य विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया था। अब एक बार फिर उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और नई मांगों को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

फिलहाल मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान रखी गई मांगों पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। संबंधित विभागों द्वारा परियोजनाओं की स्थिति, वित्तीय आवश्यकताओं और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किए जाने के बाद आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं। हालांकि इस मुलाकात के आधार पर सभी 11 मांगों को स्वीकृति मिल जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

अब खंडवा के लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखे गए प्रस्तावों पर राज्य सरकार कितनी जल्दी निर्णय लेती है। यदि लंबित परियोजनाओं को गति मिलती है और प्रस्तावित विकास कार्यों को मंजूरी मिलती है, तो इससे खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को मदद मिल सकती है।

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