इंदौर में 132 KV सबस्टेशन के लिए बड़ी पहल, रेती मंडी नाका में जमीन लीज पर देने को मंजूरी
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने रेती मंडी नाका क्षेत्र में प्रस्तावित 132 केवी पावर सबस्टेशन के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (MP ट्रांसको) को जमीन लीज पर देने पर सहमति जताई है। इस फैसले से शहर की बिजली व्यवस्था को आधुनिक और अधिक स्थिर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यदि जमीन हस्तांतरण और लीज से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी हो जाती हैं, तो यह परियोजना इंदौर के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित एक आधुनिक पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में सामने आएगी। इस परियोजना को शहर की बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमपी ट्रांसको ने IDA की स्कीम नंबर 97, पार्ट-4, रेती मंडी नाका क्षेत्र में 132 केवी एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशन स्थापित करने की योजना तैयार की है। इस सबस्टेशन के निर्माण का उद्देश्य इंदौर शहर के साथ-साथ आसपास के राऊ क्षेत्र, बायपास के आसपास के इलाकों और IDA की विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह सबस्टेशन शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए अत्यंत आवश्यक है। आने वाले वर्षों में इंदौर में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना है, जिसे पूरा करने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत होगी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिजली वितरण प्रणाली में सुधार होगा और लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग और बिजली कटौती जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को भी बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सबस्टेशन इंदौर के ऊर्जा ढांचे को नई मजबूती देगा और भविष्य में शहर के विकास की रफ्तार को और तेज करेगा। साथ ही यह परियोजना स्मार्ट सिटी की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि समय पर इसका निर्माण कार्य शुरू किया जा सके और शहर को इसका लाभ जल्द मिल सके।
कुल मिलाकर, इंदौर में 132 केवी सबस्टेशन की यह परियोजना शहर की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।