इंदौर। पश्चिमी मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से रफ्तार पकड़ रही है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगवाए हैं। योजना के तहत अब तक क्षेत्र में 69 हजार से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पात्र उपभोक्ताओं को 502 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, मालवा-निमाड़ इलाके में कुल 69,069 सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या इंदौर जिले की है, जहां करीब 30 हजार सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इसके बाद उज्जैन और रतलाम जिले इस अभियान में आगे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों में सौर ऊर्जा को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। बिजली के खर्च को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बड़ी संख्या में उपभोक्ता रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं।
इंदौर में सबसे ज्यादा सोलर प्लांट
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मालवा-निमाड़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा लाभ इंदौर जिले के उपभोक्ताओं ने लिया है। इंदौर में करीब 30 हजार घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।
इसके बाद उज्जैन और रतलाम जिलों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने योजना का लाभ उठाया है। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
65 हजार से ज्यादा ग्राहकों को मिली सब्सिडी
योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। गुरुवार शाम तक 65 हजार से ज्यादा ग्राहकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 502 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट लगवा लिए हैं और योजना की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी का भुगतान किया जा रहा है।
वहीं, अन्य पात्र ग्राहकों के दस्तावेजों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी जारी की जा रही है।
बिजली बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ावा देना है। घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने से उपभोक्ता अपनी बिजली जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं।
इससे एक ओर जहां बिजली बिल में कमी आती है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होती है। सौर ऊर्जा को पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि इससे प्रदूषण कम होता है।
बिजली कंपनी चला रही जागरूकता अभियान
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से योजना को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया, सब्सिडी और योजना के लाभों की जानकारी दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है और उपभोक्ताओं को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
घरेलू बिजली व्यवस्था में आएगा बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार, रूफटॉप सोलर सिस्टम भविष्य में घरेलू बिजली व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। इससे बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
मालवा-निमाड़ क्षेत्र में योजना की सफलता को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में और अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाएंगे।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पश्चिमी मध्य प्रदेश में मिली यह उपलब्धि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। 69 हजार से अधिक सोलर प्लांट और 502 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी वितरण इस बात का संकेत है कि लोग अब तेजी से पारंपरिक बिजली स्रोतों के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं।