जिले में भीख मांगने पर पूरी तरह रोक, सूचना देने वाले को मिलेगा 1000 रुपये इनाम
इंदौर। सामाजिक बुराई को खत्म करने और भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवम वर्मा ने जिले की सीमा के भीतर किसी भी तरह की भीख मांगने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को रोकना और जरूरतमंद लोगों को उचित सहायता उपलब्ध कराना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वालों को पैसे या किसी अन्य प्रकार का दान न दें।
सूचना देने वालों को मिलेगा पुरस्कार
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार, जिले में कहीं भी किसी व्यक्ति को भीख मांगते हुए पाए जाने की सूचना देने वाले नागरिक को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सही और प्रमाणित जानकारी देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
इसके लिए नागरिक महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रोजेक्ट ऑफिसर दिनेश मिश्रा को मोबाइल नंबर 9691494951 पर जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे भिक्षावृत्ति से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
भीख देने और सामान खरीदने पर भी रोक
प्रशासन ने केवल भीख मांगने पर ही नहीं, बल्कि भिखारियों को दान देने और उनसे सामान खरीदने पर भी रोक लगाई है। आदेश में कहा गया है कि लोगों द्वारा दिया गया पैसा कई बार भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देता है।
जिला प्रशासन का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने की समस्या को खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित गतिविधियों को बढ़ावा न दें।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, संगठन या आयोजक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह धारा सरकारी आदेश की अवहेलना से जुड़े मामलों में लागू की जाती है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई व्यक्ति भीख मांगते हुए या इस गतिविधि को बढ़ावा देते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विभागों को जिम्मेदारी
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को भी इस आदेश के पालन के लिए जिम्मेदारी सौंपी है। महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों को निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे, धार्मिक स्थलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति की समस्या को नियंत्रित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
जरूरतमंदों की सहायता पर भी जोर
प्रशासन का कहना है कि भिक्षावृत्ति रोकने के साथ-साथ वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं और पुनर्वास कार्यक्रमों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
आदेश के बाद प्रशासन सक्रिय
कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी आदेश के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सभी के प्रयास से ही इस सामाजिक समस्या को समाप्त किया जा सकता है।
फिलहाल यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि अभियान के दौरान मिलने वाली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी और नियम तोड़ने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।