इंदौर। राजस्व मामलों के निपटारे में लापरवाही और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डिविजनल कमिश्नर भास्कर लक्ष्यकार ने गुरुवार को मल्हारगंज तहसील और एसडीएम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजस्व प्रकरणों के रखरखाव और निपटारे में गंभीर कमियां सामने आने के बाद उन्होंने तीन तहसीलदारों के दो-दो इंक्रीमेंट रोकने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा उसी तहसील के एक पटवारी को निलंबित करने की कार्रवाई भी की गई है।
डिविजनल कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों, दस्तावेजों के रखरखाव, ऑनलाइन रिकॉर्ड व्यवस्था और कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा की। जांच में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई। अधिकारियों द्वारा तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई।
औचक निरीक्षण में सामने आईं कई खामियां
जानकारी के अनुसार, डिविजनल कमिश्नर भास्कर लक्ष्यकार गुरुवार को अचानक मल्हारगंज तहसील और एसडीएम कार्यालय पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व मामलों की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के संबंध में जवाब मांगा।
जांच में पाया गया कि कई राजस्व मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज और अपडेट नहीं किया गया था। इसके अलावा रिकॉर्ड प्रबंधन में भी गंभीर कमियां मिलीं। कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों को ऑनलाइन व्यवस्था के तहत दर्ज करने में लापरवाही बरती गई। वहीं, कई रिकॉर्ड अब भी ऑफलाइन तरीके से रखे जा रहे थे, जिससे मामलों की निगरानी और समय पर निपटारे में परेशानी हो रही थी।
RCMS पोर्टल पर मामले दर्ज नहीं करने पर नाराजगी
डिविजनल कमिश्नर ने विशेष रूप से RCMS पोर्टल पर राजस्व मामलों की एंट्री नहीं होने को गंभीरता से लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी राजस्व प्रकरणों को निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज किया जाए, ताकि मामलों की प्रगति की नियमित निगरानी की जा सके।
इसके अलावा निरीक्षण में केस फाइल लिस्ट का अभाव भी पाया गया। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत केस फाइलों का व्यवस्थित रिकॉर्ड होना जरूरी है, लेकिन कार्यालय में इसकी कमी सामने आई।
रजिस्टर और रिकॉर्ड में मिली कमी
निरीक्षण के दौरान राजस्व रिकवरी शीट, डायवर्जन रजिस्टर और पेनल्टी रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इन दस्तावेजों का राजस्व प्रशासन में महत्वपूर्ण स्थान होता है।
डिविजनल कमिश्नर ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में रिकॉर्ड का सही रखरखाव और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है।
तीन तहसीलदारों पर कार्रवाई
डिविजनल कमिश्नर ने मल्हारगंज के वर्तमान तहसीलदार शेखर चौधरी, पूर्व तहसीलदार और वर्तमान में कनाडिया तहसीलदार नारायण नादेडा तथा एडिशनल तहसीलदार लोकेश आहूजा के काम की समीक्षा की।
समीक्षा में सामने आई कमियों के आधार पर तीनों अधिकारियों के दो इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से इसे विभागीय स्तर पर गंभीर कार्रवाई माना जा रहा है।
पटवारी को किया गया निलंबित
इसके अलावा मल्हारगंज तहसील के एक पटवारी को भी निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। पटवारी पर भी राजस्व कार्यों में लापरवाही और जिम्मेदारी के अनुसार काम नहीं करने का आरोप है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कामकाज में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश
डिविजनल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों से जुड़े राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कार्यालयों में रिकॉर्ड व्यवस्था को दुरुस्त करने, ऑनलाइन पोर्टल पर सभी मामलों को अपडेट करने और तय समय सीमा के भीतर प्रकरणों का समाधान करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और काम में लापरवाही मिलने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।