जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में लगभग दो साल पहले हुए कबाड़ गोदाम विस्फोट मामले में उच्च न्यायालय ने मोहम्मद शमीम खान को बड़ी रहती है और उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, उच्च न्यायालय की एकल खंडपीठ के न्यायाधीश हिमांशु जोशी ने अधारताल थाना क्षेत्र के कबाड़ गोदाम में हुए विस्फोट को लेकर शमीम खान के खिलाफ दर्ज प्रकरण और चल रही समस्त आपराधिक कार्रवाई को निरस्त करने का आदेश दिया है।
शमीम खान की ओर से दायर की गई याचिका में यह भी कहा गया था कि जिस कबाड़ गोदाम में विस्फोट हुआ था। उससे शमीम का कोई नाता नहीं है और वह 5 साल से नागपुर में रह रहा है। अधारताल के कबाड़ गोदाम में हुए विस्फोट को लेकर जो दस्तावेज सामने आए उनके मुताबिक इसका मालिकाना हक और संचालन का काम शमीम खान के बेटे हनीफ खान के पास है। इसके साथ ही जो प्रकरण दर्ज किया गया था, उसमें शमीम खान को आदतन अपराधी बताया गया था।
उच्च न्यायालय को आपराधिक षड्यंत्र, विस्फोटक सामग्री रखने सहित अन्य में शमीम खान की संलिप्तता का साक्ष्य देने वाला कोई दस्तावेज नहीं मिला। खंडपीठ ने कहा है कि अपराध की गंभीरता के आधार पर बिना साक्षी के आपराधिक कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती, इस मामले में सिर्फ शमीम खान को ही राहत मिली है। दरअसल अधारताल थाना क्षेत्र में 25 अप्रैल 2024 को राजा मेटल इंडस्ट्रीज के परिसर में विस्फोट हुआ था और उसमें दो लोगों की जान गई थी इस मामले में शमीम खान को भी आरोपी बनाया गया था।
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