इंदौर। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव, मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन पर बढ़ती निर्भरता के बीच युवाओं की भावनात्मक सेहत को मजबूत करने के उद्देश्य से इंदौर में राज्य स्तरीय ‘लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के जरिए युवाओं, खासकर जेन जी (Gen Z) पीढ़ी को योग से जोड़ने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

यह प्रतियोगिता मध्य प्रदेश सरकार के योग आयोग के सहयोग से आयोजित की जा रही है। आयोजन की जिम्मेदारी ‘लक्ष्य पर्यावरण और जल समाधान कल्याण समिति’ को दी गई है। आयोजकों का कहना है कि आज के समय में युवा पढ़ाई, करियर, सोशल मीडिया और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव के कारण कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में योग उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

आयोजन समिति के अनुसार, इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। करीब 1,000 एंट्री मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, इंदौर और आसपास के जिलों से अब तक लगभग 250 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है।

आयोजकों ने बताया कि युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए इंदौर के करीब 30 स्कूलों से संपर्क किया गया है। स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा छात्र योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और इसके लाभों को समझें।

प्रतियोगिता को लेकर आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. हेमंत शर्मा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में भावनात्मक संतुलन, अनुशासन और तनाव प्रबंधन की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग कई तरह के मानसिक दबावों से गुजर रहा है। लगातार स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया की आदत और प्रतिस्पर्धा के कारण तनाव बढ़ रहा है। योग के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, एकाग्रता और मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।

प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। योगासन के अलग-अलग रूपों के माध्यम से प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन समिति की ओर से प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

आयोजकों का कहना है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेताओं का चयन करना नहीं है, बल्कि समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना इस कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य है।

विशेषज्ञों के अनुसार, योग तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। खासकर युवाओं के लिए योग और ध्यान जैसी गतिविधियां मानसिक दबाव को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती हैं।

इंदौर में होने वाली यह प्रतियोगिता राज्य के अन्य जिलों के युवाओं को भी जोड़ने का प्रयास करेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि इस पहल के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा योग से जुड़ेंगे और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।

मध्य प्रदेश में योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाएं लगातार प्रयास कर रही हैं। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में योग गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि बच्चों और युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ सके।

‘लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आयोजकों का मानना है कि योग के माध्यम से युवाओं में सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मनियंत्रण की भावना विकसित की जा सकती है।

इंदौर में आयोजित होने वाली यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता न केवल योग प्रतिभाओं को मंच देगी, बल्कि युवाओं के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर एक नई पहल भी साबित हो सकती है

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