हाथी दांत साबित हो रही जल जीवन मिशन योजना, कलेक्टर की फटकार के बाद भी नहीं जागा PHE विभाग का अमला
Raisen। पीएचई विभाग द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्रामीणजनों के प्यासे कंठों की प्यास बुझाने के लिए लागू की गई है।लेकिन पीएचई विभाग के अधिकारी और अमले की उदासीनता लापरवाही की वजह से कई गांव कस्बों की जल जीवन मिशन की नलजल योजना हाथी दांत साबित हो रही है।
जनपद पंचायत सांची की ग्राम पंचायत भरतीपुर शाहपुर के सरपंच मोहन धानक व ने बताया कि नल जल योजना में लाखों रुपए का बजट पानी में बहा दिया गया कई घरों में नलों की टोंटियां पानी के अभाव में सूखी पड़ी है तो कहीं वाल्व खराब हो गए हैं ।अधिकारियों को शिकवा शिकायत के बाद भी ग्रामीण जल जीवन मिशन योजना को सुधार नहीं गया है। जिससे ग्रामीण बेहद परेशान है। इसी तरह सालेरा की जल जीवन मिशन की पाइपलाइन भी जगह-जगह से फूटी पड़ी हुई है ।घर-घर तक स्वच्छ जल पहुंचने में दिक्कतें हो रही है ।जिससे ग्रामीण जलसंकट से परेशान है।मजबूरी उन्हें पुराने जल स्रोतों से बर्तनों में पानी ढुलाई कर प्यासे कंठों को तर की करना पड़ रहा है। बिचपाडा गांव की जल जीवन मिशन योजना भी ग्रामीणों के लिए दिखावा साबित हो रही है ।पानी की टंकी और पाइप लाइनों में लाखों रुपए का बजट खर्च कर दिया गया है ।फिर भी ग्रामीणों को बीदपुरा में जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बिलारा गांव में जल जीवन मिशन में लाखों का बजट खर्च कर दिया गया ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआत में ही पानी की टंकी में जल भर गया था ।लेकिन इसके बाद पानी का रिसाव होने की वजह से अब तकटँकी सूखी पड़ी है ।ग्रामीणों के घर-घर नालों की टोटियां पानी सप्लाई का इंतजार कर रही हैं।ग्राम पंचायत कानपोहरा के बड़ी मूरेलकलां में पीएचई विभाग द्वारा पाइप लाइनों और पानी टँकी के निर्माण में सालों पहले खर्च किए गए थे।उपसरपंच शेर सिंह लोधी ने बताया कि हर साल बड़ी मूरेल गांव के ग्रामीणजनों को जल संकट से गर्मियों में मोहताज होना पड़ता है।
बैठक में कलेक्टर ने लगाई थी..…जमकर फटकार
एक रोज पहले ही कलेक्ट्रेट की सभा कक्ष में पीएचई विभाग की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई ।जिसमें कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारी और उनके अमले को जमकर फटकार लगाई ।जिले से आ रही जलसंकट की समस्याओं से परेशान कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि अन्य जल स्रोत और जल जीवन मिशन की नल जल योजनाएं दुरुस्त कर ले।वर्ना नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे ।इसके बाद अगले दिन पीएचई विभाग रायसेन के अधिकारी और मैदानी अमला बैठक करके रणनीति तैयार करते देखा गया ।कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा की हिदायत और फटकार के बाद भी पीएचई विभाग के अधिकारी और मैदानी अमला गहरी नींद से नहीं जागा है ।आगामी दिनों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है ।गर्मियों में निश्चित रूप से पानी की किल्लत होगी ।तब क्या स्थिति बनेगी ।इसका सही अनुमान लगाया जा सकता है। कई गांव में ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं जिसमें पानी की सफाई के लिए अलग से पाइप लाइन लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पा रहा है। जबकि इसमें दो पाइप लाइन डालना चाहिए था ऐसा ग्रामीणों का मानना है।
इनका कहना है....
यह बात आपके द्वारा मुझे संज्ञान में लाई गई है।बंद पड़ीं जल जीवन मिशन और नलजल योजनाओं को जल्द ही सुधारा जाएगा। इसके लिए जिम्मेदारों को भी निर्देशित किया जाएगा ।