Jabalpur : किडनी डोनर दिलाने के नाम पर कपल से 22 लाख की ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच
जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर उपलब्ध कराने का झांसा देकर एक दंपती से कथित तौर पर 22 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों ने किडनी डोनर की व्यवस्था कराने का भरोसा देकर दंपती से बड़ी रकम ले ली, लेकिन न तो डोनर उपलब्ध कराया और न ही पैसे वापस किए।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
पत्नी के इलाज के दौरान हुई आरोपियों से मुलाकात
पुलिस के अनुसार, विजय नगर थाना क्षेत्र के लमटी इलाके में रहने वाले महेश परियानी अपनी पत्नी की गंभीर किडनी बीमारी के इलाज के लिए हैदराबाद गए थे। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी थी।
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर की जरूरत थी। इसी दौरान महेश परियानी की मुलाकात कथित तौर पर ऐसे लोगों से हुई, जिन्होंने उन्हें डोनर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
आरोप है कि आरोपियों ने दावा किया कि वे किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की व्यवस्था करा सकते हैं और इसके लिए पैसे की मांग की।
डोनर दिलाने के नाम पर लिए लाखों रुपये
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने दंपती को विश्वास में लेकर उनसे करीब 22 लाख रुपये ले लिए। पीड़ित परिवार ने उम्मीद की थी कि पैसे देने के बाद उनकी पत्नी के इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी और किडनी ट्रांसप्लांट संभव हो पाएगा।
लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी आरोपियों ने कोई डोनर उपलब्ध नहीं कराया। जब दंपती ने उनसे संपर्क कर पैसे वापस मांगे तो कथित तौर पर उन्होंने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इससे पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह ठगा है या नहीं।
मेडिकल जरूरतों को बनाया ठगी का जरिया
पुलिस का कहना है कि गंभीर बीमारी और इलाज की जरूरत के समय मरीजों के परिवार भावनात्मक रूप से कमजोर स्थिति में होते हैं। ऐसे मामलों में कुछ लोग इसका फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने की कोशिश करते हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामले में केवल अधिकृत अस्पतालों और कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही आगे बढ़ें।
अंग प्रत्यारोपण के लिए नियमों का पालन जरूरी
किडनी समेत किसी भी अंग प्रत्यारोपण के लिए सरकार की ओर से निर्धारित नियम और प्रक्रियाएं होती हैं। डोनर और मरीज के बीच संबंध, अनुमति और अन्य कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करना जरूरी होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान व्यक्ति या बिचौलिए के माध्यम से डोनर की व्यवस्था करने के दावे पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए।
परिवार को अब न्याय की उम्मीद
ठगी का शिकार हुए दंपती ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पत्नी के इलाज की चिंता के बीच उन्होंने आरोपियों पर भरोसा किया था, लेकिन उनके साथ धोखा किया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।