जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में राईट टाउन स्थित डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की जमीन उनके निधन के बाद अब नगर निगम ने बुधवार को अपने अधिपत्य में ले ली है।
उक्त जमीन पर भूमाफियाओं की नजर लग गयी थी। गिफ्टडीड और दान पत्र के चर्चाओं में आने के बाद यह मामला काफी चर्चित हो गया था। आरोप यह भी था कि बीमार डॉ. हेमलता को अस्पताल ले जाते समय रजिस्ट्री ऑफिस ले जाकर हस्ताक्षर कराये गए। होश आने पर उन्होंने किसी भी दान पत्र और रजिस्ट्री से इंकार किया था।
इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया था। इस 25 हजार वर्ग फुट से अधिक की भूमि का बाजार मूल्य 50 करोड़ रूपये है। इस बेशकीमती जमीन पर लीज की आड़ में प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा था। इस जमीन की लीज की शर्त क्रमांक 3, 5, 6, 7, 8 एवं 10 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था। निगमायुक्त रामप्रसाद अहिरवार ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए।
संपदा विभाग के अधिकारियों से सूक्ष्म जॉंच करवाई गयी जिसमें पाया गया कि लीजधारी द्वारा नगर निगम के स्वामित्व की भूमि को निगम की बिना अनुमति के दान कर दिया गया एवं उक्त भूखण्ड पर बिना अनुमति व्यापारिक उपयोग किया जा रहा था। लीजधारक द्वारा वर्ष 2020-21 से लीज भू-भाड़ा भी जमा नहीं किया गया और लीज के शर्तो का उल्लंघन किया जाकर कूटरचित तरीके से प्रशासन को गुमराह करते हुए दान करने की कार्रवाई की गयी जो परीक्षण में अनुचित पाया गया।
इसके बाद निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने म्युनिसिपल प्लाट क्रमांक 51 की लीज निरस्त कर दी।अब निगम स्वामित्व की इस भूमि पर नगर निगम ने पूर्णत: कब्जा कर लिया है। गुरुवार को अब संभाग क्रमांक 13, स्वास्थ्य विभाग का उप-कार्यालय खोला जाएगा और इस कार्यालय के माध्यम से जनहित के कार्य किये जायेगें। निगमायुक्त की सक्रियता से जमीन वापस निगम के पास आ गयी।