Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर पुलिस कमिश्नरेट को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से चार आधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं। इन वैन का उद्देश्य अपराध जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि घटनास्थल पर ही साक्ष्यों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से एकत्र किया जा सके।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सोमवार को इन नई फोरेंसिक वैन का निरीक्षण किया और इनमें उपलब्ध आधुनिक तकनीकी उपकरणों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वैन की कार्यक्षमता और उपयोगिता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इनके प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए।
ये अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन गांधीनगर स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) द्वारा तैयार की गई हैं। इन वैन को इंदौर पुलिस के सभी चार पुलिस ज़ोन में तैनात किया जाएगा, जिससे किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की जा सके।
इन फोरेंसिक वैन में कई उन्नत तकनीकी उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण साक्ष्यों का विश्लेषण संभव होगा। इनमें स्टीरियो माइक्रोस्कोप, हाई-रेजोल्यूशन DSLR कैमरे, मिनी-फ्रिज, LED स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर, बॉडी-वॉर्न कैमरे और विशेष फोरेंसिक जांच किट शामिल हैं।
इन सुविधाओं के माध्यम से पुलिस टीम को घटनास्थल पर ही सबूतों को सुरक्षित रखने, उनका प्रारंभिक परीक्षण करने और रिपोर्ट तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल जांच की गति बढ़ेगी, बल्कि साक्ष्यों के नष्ट होने या छेड़छाड़ की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन वैन का उपयोग विशेष रूप से हत्या, चोरी, दुष्कर्म, साइबर क्राइम और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में किया जाएगा। इससे फील्ड स्तर पर वैज्ञानिक जांच को मजबूती मिलेगी और कोर्ट में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक अपराधों की जांच के लिए तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि ये फोरेंसिक वैन पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाएंगी और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगी।
अधिकारियों का मानना है कि इन मोबाइल यूनिट्स के आने से पुलिस को घटनास्थल पर बार-बार लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे समय की बचत होगी और मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।
सरकार और पुलिस विभाग का यह कदम राज्य में फोरेंसिक विज्ञान आधारित जांच प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की जांच क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।