Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मानसून के मौसम को देखते हुए इंदौर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (IMC) ने शहरभर में विशेष तैयारी शुरू कर दी है। भारी बारिश के दौरान जलभराव और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम ने नालों की सफाई, पानी की निकासी, बाढ़ प्रबंधन और सड़क रखरखाव कार्यों की निगरानी के लिए ज़ोन-वाइज़ विशेष टीमें गठित की हैं।
नगर निगम का उद्देश्य मानसून से पहले सभी जरूरी तैयारियों को समय पर पूरा करना और बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों को न्यूनतम करना है। इसके लिए पूरे शहर में अलग-अलग ज़ोन में काम करने वाली टीमों को सक्रिय किया गया है, जो जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी।
यह कार्रवाई नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देशों पर की गई है। उनके निर्देश के बाद सिविक बॉडी ने सभी नगर ज़ोन में मानसून प्रबंधन से जुड़े कार्यों की देखरेख और उन्हें लागू करने के लिए विशेष टीमों के गठन का आदेश जारी किया है।
नई व्यवस्था के तहत हर ज़ोन की टीम का नेतृत्व संबंधित ज़ोनल ऑफिसर करेंगे। इसके साथ ही रीजनल हेल्थ ऑफिसर को डिप्टी टीम लीडर की जिम्मेदारी दी गई है, जो स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े पहलुओं पर नजर रखेंगे। वहीं असिस्टेंट इंजीनियर और सब-इंजीनियर को टीम में शामिल किया गया है, जो तकनीकी कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों की निगरानी करेंगे।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इन टीमों का मुख्य कार्य नालों की समय पर सफाई सुनिश्चित करना, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से सुधारात्मक कदम उठाना होगा। इसके अलावा सड़क मरम्मत और कमजोर बिंदुओं को भी मानसून से पहले ठीक करने पर जोर दिया जाएगा।
IMC का मानना है कि हर साल मानसून के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी की जा रही है ताकि बारिश शुरू होने पर स्थिति नियंत्रण में रहे।
अधिकारियों ने बताया कि टीमों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी तंत्र भी तैयार किया गया है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी टीमों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ज़ोन-वाइज़ मॉनिटरिंग प्रणाली से कार्यों में तेजी आएगी और शहर में बाढ़ जैसी स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
इस पहल से उम्मीद है कि इंदौर शहर मानसून के दौरान बेहतर प्रबंधन के साथ जलभराव और सड़क समस्याओं से काफी हद तक मुक्त रह सकेगा।