Indore: रंगपंचमी पर रंगों से सराबोर हुआ शहर, 150 साल से मनाया जा रहा 'गैर उत्सव'
Indore इंदौर: होली के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर में रंगपंचमी का जश्न बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इसी क्रम में इस बार भी रंगपंचमी पर गेर की शानदार शुरुआत हुई. एक के बाद एक गेर इंदौर के मल्हारगंज टोरी कॉर्नर से निकलकर इंदौर के राजवाड़ा तक पहुंची. इस दौरान सुबह 10:00 बजे से ही लोग राजवाड़ा पहुंचने लगे. इसके बाद एक के बाद एक गेर इंदौर के राजवाड़ा तक पहुंचने लगी. इस दौरान एक युवक की ट्रैक्टर के नीचे आने से मौत हो गई. जैसे ही बड़ी संख्या में गेर वहां पहुंचने लगी तो उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए|
उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत देश के कई राज्यों से लोग गेर का लुत्फ उठाने इंदौर की रंगपंचमी पर पहुंचे. साथ ही इस साल की रंगपंचमी में 40 से ज्यादा एनआरआई भी आए थे. वहीं रंगरंग गेर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल होने वाले थे, लेकिन इस दौरान गेर में हुई घटना के चलते उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की घोषणा भी की. 150 साल पुराना इतिहास
इंदौर में रंगारंग गेर का इतिहास करीब 150 साल पुराना है। सबसे पहले इंदौर के होलकर राजवंश ने होली के बाद रंगपंचमी पर गेर की शुरुआत की थी। उन्होंने बैलगाड़ी पर बड़ा सा ड्रम रखकर लोगों पर पानी छिड़कने की परंपरा शुरू की थी। तब से यह परंपरा बन गई और आज तक यह परंपरा चली आ रही है। इस बार की गेर में एक हादसा भी सामने आया है।
बताया जा रहा है कि जब रंगों की बौछार करने वाला एक टैंकर इंदौर के राजवाड़ा पर पहुंचा तो वहां एक युवक ट्रैक्टर के नीचे आ गया। इसके बाद वहां मौजूद एंबुलेंस के साथ पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत टैंकर के नीचे से निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 150 साल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब गेर उत्सव के दौरान किसी की मौत हुई है। लापरवाही के कारण कोई हादसा न हो, इसके लिए पुलिस ने गेर रूट पर 2000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।
ड्रोन से की जा रही निगरानी
पुलिस ड्रोन के जरिए भी गेर रूट पर निगरानी कर रही है। साथ ही पुलिस इस दौरान हुड़दंग मचाने वाले युवकों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।