बैंड-बाजे के साथ नगर निगम परिसर पहुंचे गणपति बप्पा, विधि-विधान से हुई स्थापना
इंदौर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को इंदौर नगर निगम परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। आयोजन की शुरुआत ऐतिहासिक राजवाड़ा से हुई, जहां से गणपति की प्रतिमा को बैंड-बाजे और जयकारों के साथ नगर निगम मुख्यालय लाया गया। निगम परिसर पहुंचने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा की स्थापना तथा पूजा-अर्चना की गई।
राजवाड़ा से निकले इस धार्मिक जुलूस में नगर निगम के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और गणेश उत्सव समिति से जुड़े सदस्य शामिल हुए। बैंड पर बज रहे भजनों और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया। यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए नगर निगम परिसर पहुंची। इस दौरान शामिल लोगों ने भगवान गणेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उत्सव की शुरुआत पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
नगर निगम परिसर में तैयार किए गए पूजा स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा को विधि-विधान से विराजित किया गया। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापना की रस्में पूरी कराईं। इसके बाद आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं निगमकर्मियों ने भगवान गणेश से शहर में शांति, समृद्धि, विकास और नागरिकों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
कार्यवाहक महापौर के रूप में बताए गए राजेंद्र राठौर, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी और गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर पहाड़िया तथा महापौर परिषद के सदस्य अश्विनी कुमार शुक्ला ने पूजा में भाग लिया। उन्होंने भगवान गणेश के सामने प्रार्थना कर शहर के निरंतर विकास और नागरिकों के कल्याण की कामना की। इंदौर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर राजेंद्र राठौर और अश्विनी कुमार शुक्ला का नाम पार्षदों की सूची में दर्ज है। नगर निगम की पार्षद सूची में दोनों के नाम उपलब्ध हैं।
पूजा में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि गणेशोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सद्भाव का भी संदेश देता है। नगर निगम परिसर में आयोजित उत्सव का केंद्र शहर और नागरिकों की भलाई को बनाया गया। भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और शुभ कार्यों के आरंभ का देवता माना जाता है। इसी भावना के साथ निगम परिवार ने शहर के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने और सभी वर्गों की खुशहाली की प्रार्थना की।
इस आयोजन के माध्यम से नगर निगम ने वर्षों से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाया। निगम मुख्यालय में प्रतिमा स्थापित होने के बाद प्रतिदिन निर्धारित समय पर पूजा और आरती किए जाने की संभावना है। हालांकि, दैनिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और विसर्जन की तारीख का विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम उपलब्ध सामग्री में नहीं दिया गया है।
गणेशोत्सव के दौरान नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपने नियमित कार्यों के साथ धार्मिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। आयोजन समिति पूजा स्थल की व्यवस्था संभालेगी। प्रतिमा स्थापना के समय परिसर को फूलों तथा अन्य सजावटी सामग्रियों से सजाया गया। भगवान गणेश की पूजा के बाद उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और उत्सव की शुभकामनाएं दीं।
इंदौर में गणेश चतुर्थी को लेकर शहरभर में उत्साह का माहौल है। विभिन्न कॉलोनियों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और संस्थानों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में छोटे-बड़े लगभग 1,400 पंडाल लगाए गए हैं और गणेशोत्सव दस दिनों तक मनाया जाना है। शहर की उत्सव संबंधी तैयारियों का उल्लेख किया गया है।
नगर निगम परिसर में हुआ आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से शहर के विकास और नागरिकों के प्रति निगम की जिम्मेदारी का संदेश भी देने का प्रयास किया गया। पूजा में शामिल जनप्रतिनिधियों ने इंदौर की प्रगति जारी रहने, नागरिक सेवाओं में सुधार और शहरवासियों के स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।
इंदौर अपनी स्वच्छता और नगरीय व्यवस्थाओं को लेकर देशभर में पहचान रखता है। ऐसे में गणेशोत्सव के मौके पर निगम प्रतिनिधियों ने भगवान गणेश से शहर की इस पहचान को और मजबूत करने का आशीर्वाद मांगा। धार्मिक आयोजन के साथ स्वच्छता बनाए रखने और जिम्मेदारी से उत्सव मनाने का संदेश भी महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान निकलने वाले फूलों, पूजा सामग्री और अन्य कचरे का उचित निपटान शहर की स्वच्छता व्यवस्था के लिए आवश्यक होता है।
गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ नगर निगम परिसर में उत्सव का औपचारिक आरंभ हो गया है। आने वाले दिनों में निगमकर्मी और आगंतुक भगवान गणेश की पूजा एवं आरती में शामिल हो सकेंगे। स्थापना कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए और शहर की शांति तथा समृद्धि की सामूहिक प्रार्थना की।
राजवाड़ा से निगम मुख्यालय तक निकाली गई यात्रा ने शहर की धार्मिक परंपरा और प्रशासनिक सहभागिता का दृश्य प्रस्तुत किया। बैंड-बाजे के साथ पहुंचे गणपति बप्पा का निगम परिसर में स्वागत किया गया। पूजा संपन्न होने के बाद जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं और उत्सव को सद्भाव तथा स्वच्छता के साथ मनाने का संदेश दिया।