इंदौर : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। करीब चार महीने के अंतराल के बाद बुधवार से देवी अहिल्याबाई होल्कर (DABH) एयरपोर्ट से इंदौर-अबू धाबी-इंदौर सीधी उड़ान सेवा दोबारा शुरू होगी। इस सेवा के शुरू होने से मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस इस अंतरराष्ट्रीय उड़ान का संचालन करेगी। एयरलाइन की ओर से बताया गया है कि यह फ्लाइट सप्ताह में चार दिन संचालित होगी। यात्रियों को यह सुविधा सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को मिलेगी। यह फ्लाइट इंदौर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी के बीच सीधा संपर्क उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पहुंचकर पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाएंगे। इस मौके पर एयरपोर्ट अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। फ्लाइट सेवा की दोबारा शुरुआत को मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इंदौर-अबू धाबी सीधी उड़ान शुरू होने से मध्य भारत की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे न केवल इंदौर बल्कि आसपास के जिलों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। अब यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए दूसरे शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेने की जरूरत कम होगी।
इंदौर लंबे समय से व्यापार, उद्योग और शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। शहर से बड़ी संख्या में कारोबारी, छात्र और नौकरीपेशा लोग विदेशों की यात्रा करते हैं। ऐसे में सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा उनके लिए समय और खर्च दोनों की बचत करेगी।
अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग रहते और काम करते हैं। इंदौर से सीधी उड़ान शुरू होने से प्रवासी भारतीयों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, इस फ्लाइट सेवा से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। खासकर कपड़ा, फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और अन्य क्षेत्रों के कारोबारियों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इंदौर एयरपोर्ट पर लगातार यात्री सुविधाओं और उड़ानों के विस्तार पर काम किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने से मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर बेहतर पहचान मिलने में मदद मिलेगी।
इंदौर-अबू धाबी उड़ान सेवा पहले भी संचालित हो रही थी, लेकिन करीब चार महीने पहले इसे रोक दिया गया था। अब यात्रियों की मांग और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसे फिर से शुरू किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहर के विकास में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की बड़ी भूमिका होती है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की उपलब्धता से निवेश, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलता है। इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह सेवा आर्थिक गतिविधियों को और गति दे सकती है।
मध्य प्रदेश सरकार भी राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने पर लगातार जोर दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रमुख शहरों को देश और दुनिया के बड़े शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए।
इंदौर एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है और यहां से घरेलू उड़ानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग भी बढ़ रही है। यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए नई उड़ान सेवाओं की शुरुआत की जा रही है।
अबू धाबी के लिए सीधी फ्लाइट शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए भी बेहतर यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा। वहीं, मध्य प्रदेश से UAE जाने वाले यात्रियों को भी सीधा विकल्प मिलेगा।
व्यापारिक संगठनों ने भी इस उड़ान सेवा के दोबारा शुरू होने का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे इंदौर की कारोबारी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल बुधवार से शुरू हो रही इस सेवा को लेकर यात्रियों में उत्साह है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में पहली उड़ान के शुभारंभ के साथ ही इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
चार महीने बाद शुरू हो रही यह सीधी फ्लाइट सेवा मध्य प्रदेश की आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे इंदौर की वैश्विक पहुंच बढ़ेगी और मध्य भारत की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।