Raisen। जिले के सामान्य वन मण्डल ओबेदुल्लागंज के भरतीपुर सांतरा कोतमी भीमपुर कंजई अजीतनगर ,सामान्य वन विभाग रायसेन के तहसील सिलवानी के आदिवासी बहुल इलाकों प्रतापगढ़ बिछुआ निभोरा में वन महकमे के अधिकारियों वनकर्मियों के गठजोड़ से वन माफिया गिरोह इन क्षेत्रों में सक्रिय हैं।पहले गर्मियों में जंगलों में आग लगाई जाती है।फिर जब जंगल मैदानों में बदल जाते हैं तो उन पर खेती शुरू कर दी जाती है।ऐसे हालातों के चलते आहिस्ता आहिस्ता जंगल खेतों में तब्दील होते जा रहे हैं।
रायसेन।. पेड़ पौधों में आग लगाकर तैयार की जा रही खेती की जमीन।
वन विभाग को दी सूचना, कार्रवाई नहीं....
रायसेन एवं ओबेदुल्लागंज सामान्य वन विभाग उसके आसपास के लोगों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि जंगल में आग लगाकर पेड़-पौधे जलाए जाने की सूचना वन रक्षक से लेकर डीएफओ एसडीओ को दी जा चुकी है। इसके बाद भी जंगल जलाने वालों को पकड़ने और रोकने के लिए वन विभाग का अमला अभी तक आगे नहीं आया है। इससे लगता है कि जंगल साफ कराकर खेती की जमीन बनवाने के लिए आग लगवाने वाले दबंगों को वन विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि जंगल को आग से नहीं बचाया गया तो पर्यावरण और वन्य जीवों के लिए खतरा हो सकता है।
2.4० लाख बीघा जंगल की जमीन कब्जे में....
सूत्र बताते हैं कि जिले में देखा जाए तो सिलवानी वनरेंज पूरब पश्चमी और सुल्तानपुर वन परिक्षेत्र में 2.4० लाख बीघा जंगल की भूमि अलग-अलग लोगों के कब्जे में हैं। इस जमीन को मुक्त कराने के लिए वन विभाग की टीम ने कई बार प्लानिंग बनाई, लेकिन वह प्लानिंग भी अभी तक कई जगह से अतिक्रमण से जंगल की जमीन को मुक्त नहीं करा पाई।भरतीपुर भीमपुर कंजई सांतरा कोतमी अजीतनगर
के पास जंगल में आग लगाने की शिकायत हमारे पास नहीं आई है। मैं चेक करवा लेता हूं।किसी को भी जंगल की जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।हेमंत रैकवार डीएफओ सामान्य वन मण्डल ओबेदुल्लागंज
जिले के तहसील सिलवानी सुल्तानपुर बाड़ी में जंगल को साफ कर खेती की जमीन बनाने का काम बीते दो-तीन वर्ष में जमकर चला था। अब यह काम बाड़ी भोजपुर विधानसभा के समूची सिलवानी तहसील में होता नजर आ रहा है। इसका ताजा उदाहरण ये है कि सुल्तानपुर तहसील के साढ़े बारह गांव स्थित जंगल में बीते चार-पांच दिन से बड़े स्तर पर आग लगाई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जंगल और यहां लगे पेड़-पौधों में आग लगाकर खाक किया जाकर जंगलों को खेतों में बदल दिया गया है।
बाहर के भील आदिवासियों ने डाला डेरा....
इन जंगलों में बताया जा रहा है पहले से खेती कर रहे आदिवासियों के रिश्ते नातेदारों और खण्डवा धार रतलाम मंदसौर झाबुआ से आए भील भिलाला समाज के लोगों ने डेरा डाल दिया है।इस क्षेत्र के जंगल भू माफियाओं की नजरों में आ चुके हैं। भू- माफियाओं द्वारा पहले जंगलों में आग लगाई जाती है ।बाद में सागवान और सतकट की लकड़ियों को एक तरफ करके जंगलों को खेती में बदल दिया जाता है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है। वनकर्मी चाह कर भी यहां से इन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं कर पाता। क्षेत्र के ग्रामीण जनों ने 181 पर भी कई दफे शिकायत की नतीजा सफर ही निकला है।