पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, 16 जिलों में अलर्ट
भोपाल। पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के बीच निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
शुक्रवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़क संपर्क प्रभावित होने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
नदियां उफान पर, बढ़ी चिंता
भारी बारिश के कारण मध्य प्रदेश की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नर्मदा और मंदाकिनी सहित कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन द्वारा निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
लगातार बारिश के कारण छोटे नदी-नाले भी उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पुल-पुलियाओं के ऊपर पानी आने की स्थिति में आवागमन बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की जा सकती है।
डिंडोरी से छतरपुर तक असर
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर व्यापक दिखाई दे रहा है। डिंडोरी में लगातार बारिश से जलस्तर बढ़ा है, जबकि पन्ना, रीवा और सतना में भी कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं। छतरपुर में भी भारी बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में पानी भरने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में पड़ सकता है, जहां पहले से जलभराव की समस्या है। लगातार बारिश होने पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ सकती है। ग्रामीण और नदी किनारे के इलाकों में लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
अगले 24 घंटे अहम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटे मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जिन जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान है, वहां स्थानीय स्तर पर स्थिति तेजी से बदल सकती है। भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने, सड़क पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है।
प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, नदी किनारे बसे गांवों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखना जरूरी होगा।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से सावधानी बरतनी जरूरी है। तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर खड़े होने से भी बचना चाहिए।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण रहेगा। यदि नदी या नाले का जलस्तर बढ़ रहा हो तो उसके आसपास जाने या पानी पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
फिलहाल मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश का असर बना हुआ है। शुक्रवार को 16 जिलों के लिए जारी भारी बारिश के अलर्ट और अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश की संभावना के चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।