Bihar: भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन पर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई की पुष्टि भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान की।
जानकारी के अनुसार, यह मामला शाहपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां कथित एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हुई थी। घटना के बाद परिजनों ने गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मां आशा देवी ने थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर अब पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। परिजनों का आरोप है कि एनकाउंटर के दौरान पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध थी और घटना को लेकर कई तथ्यों को छिपाया गया। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
भोजपुर एसपी राज ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार एफआईआर दर्ज की गई है और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अभी शुरुआती कार्रवाई मान रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आ जाती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे। वहीं पुलिस का दावा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।
यह मामला अब केवल एक एनकाउंटर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।