
Bihar: पटना में 2 जून को हुए खान सर कोचिंग सेंटर विवाद का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में जेल से जमानत पर बाहर आए ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई और गिरफ्तारी के दौरान उन्हें धमकी दी गई थी।
रौशन आनंद ने एक पॉडकास्ट में कहा कि कदमकुआं थाना पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के समय उन्हें धमकी दी गई थी। उनके अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने कहा था कि “तुम्हें बर्बाद कर देंगे और सड़क पर भीख मांगने के लिए मजबूर कर देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में उनके साथ न्याय नहीं हुआ और पुलिस ने दबाव में कार्रवाई की।
उन्होंने यह भी दावा किया कि 2 जून की घटना के बाद आधी रात के आसपास उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और सुबह करीब 4 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। रौशन आनंद के अनुसार, उन पर बिना पर्याप्त जांच के आरोप लगाए गए कि उन्होंने कोचिंग संस्थान पर फायरिंग करवाई, जबकि इस आरोप में कोई सच्चाई नहीं थी। उन्होंने कहा कि बाद में सामने आए वीडियो में असली फायरिंग करने वाले लोग दिखाई दिए।
रौशन आनंद ने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया और कार्रवाई में भेदभाव किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही मामले में अलग-अलग पक्षों पर कार्रवाई की गति अलग क्यों रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया और उनके संवैधानिक अधिकारों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी गिरफ्तारी उनके स्थानीय थाना क्षेत्र के बजाय दूसरे थाना क्षेत्र से की गई, जो नियमों के खिलाफ है।
रौशन आनंद ने मेडिकल जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी स्वास्थ्य जांच को लेकर सही प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि पूरे मामले की जांच पटना एसएसपी स्तर से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी पुलिसकर्मी गलत नहीं होते, लेकिन इस मामले में जो भी लापरवाही या पक्षपात हुआ है, उसकी जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मामले की पृष्ठभूमि
2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर इलाके में खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर तोड़फोड़, पथराव और गार्ड के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इसके बाद खान सर ने ज्ञान बिंदु एकेडमी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए थे।
अगले दिन पुलिस ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में एक वीडियो सामने आया जिसमें खान सर के दो गार्ड हवा में गोली चलाते दिखाई दिए। इसके आधार पर पुलिस ने अलग एफआईआर दर्ज कर दोनों गार्डों को गिरफ्तार किया।
गार्डों ने बयान दिया था कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को भी आरोपी बनाया गया है, हालांकि उनकी गिरफ्तारी पर अदालत ने रोक लगा रखी है।
यह पूरा मामला अब केवल कोचिंग विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवालों के घेरे में आ गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसमें नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





