बांसुजारा बांध के आठ गेट खुले धसान नदी का जलस्तर 9 फीट तक बढ़ने की संभावना
मध्य प्रदेश : छतरपुर और टीकमगढ़ जिले की सीमा पर स्थित बांसुजारा बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। जल संसाधन विभाग ने बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में प्रति सेकंड करीब 792 क्यूबिक मीटर पानी छोड़ना शुरू किया है। इससे बांध के निचले हिस्सों में नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
विभाग के अनुसार, पानी छोड़े जाने के बाद धसान नदी का जलस्तर करीब सात से नौ फीट तक बढ़ सकता है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पानी की आवक बढ़ने के बाद खोले गए गेट
जानकारी के अनुसार, बांसुजारा बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ रही थी। स्थिति को देखते हुए पहले ही बांध के दो गेट खोल दिए गए थे।
लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के बाद जल संसाधन विभाग ने आठ गेट खोलने का निर्णय लिया। इसके बाद बांध से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि बांध की सुरक्षा और जल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
धसान नदी में बढ़ेगा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बांध से धसान नदी में लगभग 792 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जाएगा।
इतनी मात्रा में पानी आने से नदी के निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ सकता है। विभाग ने अनुमान जताया है कि नदी का पानी सात से नौ फीट तक ऊपर जा सकता है।
नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में न जाएं और बच्चों को नदी के आसपास जाने से रोकें।
प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
बांध की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध से पानी छोड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। जब जलाशय में पानी की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होने लगती है तो सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है।
इससे बांध पर दबाव कम होता है और किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सकता है।
किसानों और ग्रामीणों पर रहेगी नजर
धसान नदी के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को भी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
मौसम के कारण बढ़ी पानी की आवक
क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ी है। पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी का असर जलाशयों पर पड़ रहा है।
इसी वजह से बांसुजारा बांध से पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और संबंधित विभागों को तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल बांसुजारा बांध से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया जारी है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पानी छोड़ने का फैसला पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से लिया गया है। नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।