इंदौर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रामबाग की ओर से इंदौर सेंट्रल जेल में मंगलवार को नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशा छोड़कर बेहतर एवं स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
‘नशा-मुक्ति महा-अभियान’ के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में इंदौर सेंट्रल जेल के करीब 80 कैदियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में मौजूद कैदियों को बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार, समाज और भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। वक्ताओं ने कहा कि नशे की आदत व्यक्ति की सोच, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती है।
इस दौरान कैदियों को नशे से पूरी तरह दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी परिस्थिति को बदला जा सकता है, बस व्यक्ति के अंदर बदलाव की इच्छा और मजबूत संकल्प होना चाहिए।
ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि नशा छोड़ना केवल शारीरिक आदत को खत्म करना नहीं है, बल्कि सोच और जीवन शैली में बदलाव लाना भी है। उन्होंने कैदियों को ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक विचारों के माध्यम से अपने जीवन में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया।
वक्ताओं ने कहा कि नशा छोड़ने के बाद व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने का अवसर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कैदियों को समझाया कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में जेल प्रशासन का भी सहयोग रहा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम कैदियों के मानसिक और सामाजिक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जेल केवल सजा देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है।
अधिकारियों ने बताया कि कैदियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समय-समय पर विभिन्न सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कैदियों को समाज में दोबारा सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में शामिल कैदियों ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपनी गलत आदतों को छोड़ने और जीवन में नई शुरुआत करने की प्रेरणा देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जागरूकता और मानसिक सहयोग भी जरूरी है। नशा मुक्ति कार्यक्रम लोगों को अपनी आदतों पर नियंत्रण रखने और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
इंदौर सेंट्रल जेल में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज संस्था लंबे समय से समाज में नशा मुक्ति, नैतिक शिक्षा और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रही है।
कार्यक्रम के अंत में कैदियों को जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस अभियान से जुड़े कैदी नशे से दूरी बनाकर अपने जीवन में स्थायी बदलाव ला सकेंगे।