रक्षाबंधन से पहले इंदौर में मिलावटखोरों पर शिकंजा खाद्य विभाग ने बढ़ाई जांच
इंदौर। रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में खाद्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। त्योहारों के दौरान दूध, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मिलावटी सामान बेचने की कोशिश करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं।
अधिकारियों के अनुसार, रक्षाबंधन से करीब एक महीने पहले ही खाद्य विभाग ने विशेष निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया था। इस दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। विभाग की टीम अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर दुकानों, डेयरी और खाद्य प्रतिष्ठानों से सैंपल ले रही है।
अब तक खाद्य विभाग की ओर से 200 से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा चुके हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन सैंपलों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग की टीम खासतौर पर दूध, मावा, पनीर, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की जांच कर रही है। त्योहारों के दौरान इन चीजों की मांग काफी बढ़ जाती है और इसी समय मिलावट की शिकायतें भी अधिक सामने आती हैं। विभाग का उद्देश्य है कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, साफ-सफाई और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब तक लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ जुर्माना लगाने से लेकर अन्य कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।
रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों की बिक्री सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाई उपहार के रूप में देते हैं। इसी वजह से अब खाद्य विभाग का अगला फोकस मिठाई की दुकानों और मिठाई बनाने वाली इकाइयों पर रहेगा।
विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों से भी सैंपल लेंगी और यह जांच करेंगी कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री गुणवत्ता के अनुरूप है या नहीं। खासतौर पर मावा, खोवा, दूध और रंगों की जांच पर जोर दिया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के समय लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि बाजार में सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध रहे।
स्थानीय लोगों ने भी खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान मिलावट का खतरा बढ़ जाता है और ऐसी जांच से उपभोक्ताओं को राहत मिलती है। लोगों ने मांग की है कि यह अभियान केवल त्योहारों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे साल जारी रहना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर दूध और मिठाई में होने वाली मिलावट बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा हानिकारक हो सकती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित निगरानी जरूरी है।
इंदौर खाद्य विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें। बिना बिल के सामान खरीदने से बचें और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की शिकायत विभाग को दें।
रक्षाबंधन से पहले शुरू किया गया यह अभियान त्योहार के दौरान मिलावट रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ने की संभावना है। विभाग का कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।