Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रालय में खनिज संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रस्तावित 'राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026' की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने खनिज संसाधनों की खोज, उनके वैज्ञानिक सर्वेक्षण और राज्य में खनिज क्षेत्र की संभावनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रस्तावित नीति से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा की पहचान और अन्वेषण को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में इस नीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से नीति के उद्देश्यों और इसके क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर चर्चा की।
प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 के जरिए प्रदेश में खनिज संसाधनों की खोज की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग से संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है। इससे उपलब्ध खनिज भंडार के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और अन्वेषण गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार का जोर खनिज संसाधनों का नियमानुसार और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्तावित नीति तैयार करते समय राज्य के हितों और दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। खनिज अन्वेषण से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा हुई।
खनिज संसाधन विभाग राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध खनिज संपदा और नई संभावनाओं को लेकर लगातार काम कर रहा है। प्रस्तावित नीति के लागू होने के बाद खनिज अन्वेषण से संबंधित गतिविधियों को एक स्पष्ट नीतिगत ढांचा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 प्रस्तावित स्तर पर है। मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा के बाद विभाग नीति से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएगा। अंतिम रूप मिलने के बाद इसके विस्तृत प्रावधान स्पष्ट होंगे।