भोपाल। मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक साझेदारी मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे का तीसरा दिन कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों के नाम रहा। मुख्यमंत्री ने 8 सितंबर को निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक सहयोग, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

दुबई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुनिया भर के निवेशकों और उद्योगपतियों से मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश की नीतियों, संसाधनों और औद्योगिक विकास की संभावनाओं की जानकारी देते हुए निवेशकों को मध्य प्रदेश में आने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी उद्योगपतियों और निवेशकों को अगले वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (GIS) 2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और बेहतर औद्योगिक वातावरण की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार लगातार ऐसी नीतियां बना रही है, जिससे निवेशकों को आसान प्रक्रियाएं, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित माहौल मिल सके।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में उद्योगों की संभावनाओं, निवेश प्रस्तावों और भविष्य की साझेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी और उन्हें मध्य प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शारजाह चैंबर के साथ संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के विषय पर चर्चा हुई। मध्य प्रदेश और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को और विस्तार देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने बीईईएएच की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश भी हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

डॉ. यादव ने एमार समूह की प्रमुख हस्तियों के साथ भी बैठक की। इस दौरान शहरी विकास, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में संभावित निवेश को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे शहर और मजबूत आधारभूत ढांचा निवेश के लिए बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।

दुबई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी संवाद किया। उन्होंने मध्य प्रदेश की निवेश नीतियों, औद्योगिक विकास और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी साझा की।

इसके बाद आयोजित "इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश: इंटरैक्टिव सेशन" में मुख्यमंत्री ने निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि उद्योग, तकनीक, ऊर्जा और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हों और युवाओं को नई संभावनाएं मिलें। इसके लिए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सड़क, रेल, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। इससे उद्योगों को बेहतर वातावरण मिल रहा है। राज्य सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुसार नीतियों में सुधार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से इन क्षेत्रों में साझेदारी करने की अपील की।

उन्होंने सभी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्य प्रदेश सरकार हर स्तर पर सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए प्रदेश में पारदर्शी व्यवस्था और अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।

दुबई दौरे के तीसरे दिन हुए कार्यक्रमों को मध्य प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ मजबूत संबंध स्थापित कर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति दी जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंत में कहा कि मध्य प्रदेश सभी उद्योगपतियों और निवेशकों का स्वागत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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