देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में इंदौर के केमिकल कारोबारी और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अवैध शराब तैयार करने में इस्तेमाल किया गया केमिकल इंदौर स्थित उनकी फर्म से सप्लाई हुआ था। पुलिस ने पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद अमन कासलीवाल की भूमिका की जांच शुरू की थी। वहीं, आनंद कासलीवाल ने अपने बेटे पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया है कि उनकी फर्म ने संबंधित केमिकल की बिक्री वैध बिल और जीएसटी दस्तावेजों के साथ की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई खरीदार केमिकल का गलत इस्तेमाल करता है, तो उसके लिए विक्रेता को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
पूछताछ के बाद अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी
देवास सिटी कोतवाली पुलिस के अनुसार, जहरीली शराब के कथित कारोबार की जांच के दौरान अमन कासलीवाल का नाम सामने आया था। इससे पहले पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अजय राठौर और विनोद जायसवाल सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया था।सिटी कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि नकली शराब तैयार करने के लिए इंदौर से केमिकल मंगाया गया था।पुलिस ने केमिकल की खरीद और आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद अमन कासलीवाल को प्रकरण में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया।अमन की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
एक अक्टूबर को खरीदा गया था केमिकल
जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय राठौर ने इंदौर स्थित अमन कासलीवाल के कार्यालय में जाकर उनसे मुलाकात की थी।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को मिक्स सॉल्वेंट नाम से केमिकल खरीदे जाने का बिल गोविंद नाम के व्यक्ति के नाम पर मिला है। संबंधित केमिकल इंदौर स्थित गोदाम से उपलब्ध कराया गया था।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि केमिकल की खरीद किस उद्देश्य से की गई थी और इसकी आपूर्ति के बाद इसका उपयोग कहां हुआ।मामले में गोविंद नाम का व्यक्ति फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसके अलावा केमिकल की खरीद, भुगतान और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
पिता आनंद कासलीवाल ने आरोपों को बताया निराधार
बेटे अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल ने अपना पक्ष सामने रखा है।उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी स्पष्टीकरण में कहा कि उनके बेटे के नाम से राइजिंग ब्रदर्स नामक फर्म संचालित होती है। यह फर्म कई वर्षों से पेंट केमिकल और थिनर का वैध कारोबार कर रही है।
आनंद कासलीवाल के अनुसार, उनकी फर्म से संबंधित व्यक्ति को पेंट थिनर उपलब्ध कराया गया था और इसके लिए आवश्यक बिल तथा व्यापारिक दस्तावेज भी जारी किए गए थे।उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से खरीदे गए केमिकल का बाद में गलत इस्तेमाल करता है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर विक्रेता पर डालना उचित नहीं है।कासलीवाल ने केमिकल की अवैध बिक्री से जुड़े आरोपों को भ्रामक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, उनके इस दावे और पुलिस के आरोपों की अंतिम जांच अभी बाकी है।
लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाकर बेचने का आरोप
पुलिस जांच में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं।जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर इंदौर जिले के पुआल्डा डाई गांव में केमिकल की मदद से नकली शराब तैयार की थी।इसके बाद तैयार शराब को बाजार में उपलब्ध शराब की खाली बोतलों में भरकर बेचा गया। पुलिस का आरोप है कि नकली शराब की बोतलों को लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाकर देवास के चंदाना और बिंजाना सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया गया।जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी लाइसेंसी शराब दुकानों से जुड़े कर्मचारियों के संपर्क में थे।पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध शराब कितने लोगों तक पहुंची और इस कारोबार से किन-किन लोगों को आर्थिक लाभ हुआ।
13 संदिग्ध मौतों के बाद तेज हुई जांच
देवास के चंदाना, बिंजाना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्टूबर महीने के दौरान कई लोगों की मौत होने के बाद जहरीली शराब का मामला सामने आया था।स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रभावित व्यक्तियों ने कथित तौर पर मिलावटी शराब का सेवन किया था।विभिन्न रिपोर्टों में 13 संदिग्ध मौतों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सभी मौतों का कारण जहरीली शराब होना अभी फोरेंसिक जांच से अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।प्रशासन ने शुरुआत में मौतों को जहरीली शराब से जोड़ने के दावों की पुष्टि नहीं की थी। बाद में विवाद बढ़ने पर राज्य सरकार ने जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की।मृतकों के नमूने और जब्त शराब की जांच रिपोर्ट से मौतों के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस ने जब्त की शराब और अन्य सामग्री
देवास पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में शराब और अन्य सामग्री जब्त की है।26 अक्टूबर को पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान विनोद जायसवाल, अजय राठौर और रामेश्वर सोनगरा सहित आरोपियों को पकड़ा था।कार की तलाशी में छह पेटी शराब बरामद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में लगभग 54 लीटर शराब और अन्य सामान जब्त किया। जब्त सामग्री का कुल मूल्य करीब 7.25 लाख रुपये बताया गया है।पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। जांच के दौरान अतिरिक्त कानूनी प्रावधान भी जोड़े गए हैं।
भाजपा ने कांग्रेस से मांगा जवाब
कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे का नाम सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप भी लेने लगा है।देवास भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रायसिंह सेंधव ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि जिस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही थी, उसी मामले की जांच में कांग्रेस से जुड़े नेता के बेटे का नाम सामने आया है।
भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से भी इस घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।दूसरी ओर, आनंद कासलीवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए अपने परिवार के व्यापार को पूरी तरह वैध बताया है।
हालांकि, किसी आरोपी के राजनीतिक पारिवारिक संबंध होने से संबंधित दल या उसके नेताओं की आपराधिक संलिप्तता स्वतः सिद्ध नहीं होती। मामले में जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी हुई कार्रवाई
जहरीली शराब से संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है।राज्य सरकार ने देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का तबादला किया है। इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी सहित कुछ अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है।सरकार ने मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।जांच दल अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, आपूर्ति और निगरानी व्यवस्था में संभावित लापरवाही की पड़ताल कर रहा है।
केमिकल सप्लाई से लेकर मौतों तक की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब केमिकल की खरीद से लेकर नकली शराब के निर्माण और ग्रामीण क्षेत्रों में उसकी बिक्री तक के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि केमिकल बेचने वाले व्यक्ति को उसके संभावित दुरुपयोग की जानकारी थी या नहीं।इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि केमिकल की मात्रा, उपयोग और बिक्री के संबंध में आवश्यक नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
फिलहाल अमन कासलीवाल पर लगे आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। अब केमिकल के दस्तावेजों, फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।
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