उत्तर प्रदेश

यूपी में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम, योगी सरकार का बड़ा कदम

Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 1:09 PM IST
यूपी में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम, योगी सरकार का बड़ा कदम
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को साकार करने और प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं की सोच में बदलाव लाकर उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला यानी 'जॉब सीकर' नहीं, बल्कि अपना कारोबार शुरू करके दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है। कार्यक्रम में युवाओं ने 20 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए, जिनमें से 15 बेहतरीन विचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया।
हिमेश मदान ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
यूपी राइज 2026 कार्यक्रम का शुभारंभ जाने-माने कंटेंट क्रिएटर और मोटिवेशनल स्पीकर हिमेश मदान ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में युवाओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार के महत्व से परिचित कराया गया। युवाओं को बताया गया कि बदलते दौर में पारंपरिक नौकरियों के साथ-साथ नए व्यवसाय शुरू करने के भी व्यापक अवसर मौजूद हैं।आयोजन में छात्र-छात्राओं को अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलने और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तथा सेवाएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
योगी सरकार की योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न रोजगारपरक और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल रहीं।विशेषज्ञों ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से पात्र युवाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और निर्धारित शर्तों के अनुसार वित्तीय सहायता प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।इसके अतिरिक्त महिला सामर्थ्य योजना और युवाओं को डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने वाली योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर वे अपने उद्यम की शुरुआत कैसे कर सकते हैं।
20 से अधिक स्टार्टअप आइडिया ने खींचा ध्यान
यूपी राइज 2026 कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा छात्रों की स्टार्टअप प्रतियोगिता रही। इस दौरान विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े 20 से अधिक नए बिजनेस आइडिया प्रस्तुत किए।इनमें हर्बल फार्मेसी, रोबोटिक्स सिमुलेशन, छात्रों के लिए आवास व्यवस्था, प्रीमियम मखाना ब्रांड, नोटों के लिए यूवी स्टेरिलाइजेशन, कृषि अपशिष्ट से जल शोधन, बायोचार आधारित जैविक खाद और एग्रो-टूरिज्म जैसी परियोजनाएं शामिल थीं।इसके अलावा डिजिटल सर्विसेज, हर्बल सनस्क्रीन, थ्री-डी तकनीक से स्मृति चिह्न बनाने और स्थानीय डिजिटल मीडिया से संबंधित व्यावसायिक मॉडल भी प्रस्तुत किए गए।इन विचारों के माध्यम से युवाओं ने तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में नए व्यवसाय विकसित करने की संभावनाएं सामने रखीं।प्रस्तुत किए गए 20 से अधिक स्टार्टअप विचारों में से 15 को प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए चयनित किया गया।
कुशीनगर की टीम ने जीता 25 हजार रुपये का पुरस्कार
स्टार्टअप प्रतियोगिता में कुशीनगर की 'ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग' टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।इस टीम को विजेता बनने पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। टीम ने जैविक खेती से संबंधित अपना व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किया था।प्रतियोगिता में 'पोर्टेबल क्रिमेशन सेंटर' परियोजना को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी थी और इसमें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में लकड़ी की खपत को कम करने की अवधारणा प्रस्तुत की गई।परियोजना से जुड़े प्रतिभागियों के अनुसार, इस तकनीक के उपयोग से लकड़ी की खपत में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।इसके अलावा रोबोटिक्स सिमुलेशन से जुड़ी रैक्सर परियोजना और कृषि अपशिष्ट से तैयार बायोचार के माध्यम से अपशिष्ट जल उपचार का मॉडल भी चर्चा में रहा।
छात्रों को मिले सात मिनट, विशेषज्ञों ने परखे आइडिया
प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक टीम को अपने स्टार्टअप आइडिया की प्रस्तुति के लिए सात मिनट का समय दिया गया।इस निर्धारित समय में विद्यार्थियों ने अपनी परियोजनाओं की विशेषताओं, उपयोगिता, संभावित ग्राहकों और व्यवसाय विकसित करने की संभावनाओं को सामने रखा।प्रतिभागियों के विचारों का मूल्यांकन विशेषज्ञों ने किया। इस दौरान परियोजनाओं की व्यावहारिकता और सामाजिक उपयोगिता जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया।कार्यक्रम में मेंटर ज्योति तिवारी और ईशा शाह ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।ऐसे आयोजनों से युवाओं को सार्वजनिक मंच पर अपने विचार प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने और व्यवसाय शुरू करने की चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है।
25 शहरों के 30 कॉलेजों तक पहुंचेगा यूपी राइज
यूपी राइज कार्यक्रम को प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाना है।इसके माध्यम से अलग-अलग जिलों के विद्यार्थियों को उद्यमिता और स्टार्टअप से संबंधित जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य छोटे शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को भी नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना है।इस पहल के तहत विद्यार्थियों को नए कारोबार की योजना तैयार करने, बाजार की जरूरत समझने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वरोजगार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में यूपी राइज 2026 जैसे आयोजन विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसरों के बारे में जागरूक करने का माध्यम बन रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए केवल नया विचार होना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए बाजार की जानकारी, वित्तीय योजना, तकनीकी कौशल और लगातार नवाचार की आवश्यकता होती है।युवाओं को इन पहलुओं की जानकारी देकर उन्हें अपने व्यवसाय की शुरुआत के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में कृषि, पर्यावरण, तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
अयोध्या में आयोजित यूपी राइज 2026 कार्यक्रम ने युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का मंच उपलब्ध कराया।कार्यक्रम में सामने आए स्टार्टअप आइडिया यह संकेत देते हैं कि प्रदेश के विद्यार्थियों में पारंपरिक व्यवसायों के साथ-साथ तकनीक और नवाचार आधारित उद्यम शुरू करने की रुचि बढ़ रही है।हालांकि, इन विचारों को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए प्रशिक्षण, निवेश, बाजार तक पहुंच और निरंतर मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी।
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