इंदौर। शहर के तेजी से विकसित हो रहे सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) आने वाली बोर्ड बैठक में एयरोसिटी प्रोजेक्ट और दो नए फ्लाईओवर से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देने की तैयारी में है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सुपर कॉरिडोर और एयरपोर्ट क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही शहर की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।

एयरपोर्ट के पास विकसित होगी एयरोसिटी

IDA की योजना के अनुसार, स्कीम 172 के तहत इंदौर एयरपोर्ट के नजदीक करीब 25 एकड़ जमीन पर एयरोसिटी विकसित की जाएगी।

यह जमीन राज्य सरकार की ओर से IDA को उपलब्ध कराई गई अतिरिक्त भूमि का हिस्सा है। यह भूमि पहले सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में TCS और Infosys को आवंटित जमीन के बदले में दी गई थी।

एयरोसिटी को आधुनिक व्यावसायिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां होटल, आईटी गतिविधियां और अन्य कारोबारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

8 से 10 होटलों के लिए होंगे बड़े प्लॉट

प्रस्तावित एयरोसिटी में बड़े आकार के प्लॉट विकसित किए जाएंगे। इनमें करीब 8 से 10 होटलों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की योजना है।

एयरपोर्ट के पास होने के कारण यह क्षेत्र होटल उद्योग के लिए काफी संभावनाओं वाला माना जा रहा है।

इसके अलावा यहां कमर्शियल प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी स्थान विकसित किए जाएंगे।

आईटी और बिजनेस गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

सुपर कॉरिडोर पहले से ही आईटी और कॉरपोरेट कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है।

एयरोसिटी परियोजना के जरिए इस क्षेत्र में आईटी से जुड़ी गतिविधियों और अन्य व्यवसायों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

IDA का मानना है कि इस परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इंदौर की पहचान एक बड़े कारोबारी केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।

PPP मॉडल पर बनेगा कन्वेंशन सेंटर

स्कीम 172 के तहत एक बड़े कन्वेंशन सेंटर का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी।

कन्वेंशन सेंटर बनने से शहर में बड़े सम्मेलन, कारोबारी कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन कराना आसान होगा।

इससे इंदौर के व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट भी होंगे विकसित

एयरोसिटी के अलावा स्कीम 172 में रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट विकसित करने की भी योजना है।

इससे क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

IDA की कोशिश है कि सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नया शहरी क्षेत्र विकसित किया जाए।

दो नए फ्लाईओवर से सुधरेगी कनेक्टिविटी

सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए IDA दो नए फ्लाईओवर बनाने के प्रस्ताव पर भी काम कर रही है।

इन फ्लाईओवर के निर्माण से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सकती है।

बढ़ते औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को देखते हुए बेहतर सड़क नेटवर्क की जरूरत महसूस की जा रही है।

बोर्ड बैठक में होगी चर्चा

IDA की आगामी बोर्ड बैठक में इन सभी प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।

मंजूरी मिलने के बाद एयरोसिटी और फ्लाईओवर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।

इंदौर के विकास को मिलेगी नई दिशा

इंदौर पहले ही देश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में आईटी कंपनियों और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के बाद यहां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की जरूरत बढ़ी है।

एयरोसिटी, कन्वेंशन सेंटर और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाएं शहर के विकास को नई दिशा दे सकती हैं।

इन योजनाओं के जरिए इंदौर को आधुनिक, कारोबारी और निवेश के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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