CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, हेलीकॉप्टर के पास पहुंचा ड्रोन

Update: 2026-07-14 06:48 GMT

भिंड : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के भिंड दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के ऊपर एक अनजान ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर की उड़ान रोक दी गई। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार को भिंड जिले के दंदरौआ हनुमान मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और इसके बाद उन्हें आगे के कार्यक्रम के लिए ग्वालियर रवाना होना था। मुख्यमंत्री के साथ राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री राकेश शुक्ला और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया भी मौजूद थे।

पूजा कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री और उनके साथ मौजूद अन्य लोग हेलीकॉप्टर में सवार हो गए थे। हेलीकॉप्टर उड़ान भरने की तैयारी में था, तभी हेलीपैड के ऊपर एक ड्रोन उड़ता हुआ नजर आया। VVIP सुरक्षा नियमों को देखते हुए पायलट ने तुरंत हेलीकॉप्टर का टेकऑफ रोक दिया।

सुरक्षा अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। कुछ समय तक हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने से रोका गया और आसपास के क्षेत्र की जांच की गई। सुरक्षा टीम ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी तरह का खतरा मौजूद न हो।

VVIP दौरों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी जाती है। मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और अन्य बड़े नेताओं की आवाजाही वाले इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे में मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के पास ड्रोन पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ड्रोन के उड़ने के कारण का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि ड्रोन किसने उड़ाया और क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन संचालक की पहचान करने में जुटी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों ने समय रहते ड्रोन को देख लिया, जिसके चलते किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सका। पायलट द्वारा सावधानी बरतते हुए उड़ान रोकने का फैसला सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत लिया गया।

घटना के बाद हेलीपैड क्षेत्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आसपास के इलाके की जांच की। साथ ही स्थानीय प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रोन सामान्य गतिविधि के तहत उड़ाया गया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

गौरतलब है कि VVIP मूवमेंट के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही नो-फ्लाई जोन और प्रतिबंधित क्षेत्रों की निगरानी करती हैं। ड्रोन जैसी छोटी उड़ने वाली वस्तुएं भी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल निगरानी या नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। दंदरौआ हनुमान मंदिर में पूजा के बाद उन्हें ग्वालियर जाना था। हालांकि, ड्रोन की घटना के कारण कुछ समय के लिए उनकी यात्रा प्रभावित हुई।

इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ड्रोन किसका था और वह प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंचा।

फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके साथ मौजूद सभी नेता सुरक्षित हैं। सुरक्षा एजेंसियां घटना को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

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