दिल्ली :  निर्माता कंपनी अपने वाहनों में दिए जाने वाले सभी फीचर्स को सरकार द्वारा निर्देशित मानकों और वाहन मालिक के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाती है। उसमें कुछ भी मॉडिफाई करवाना गौरकानूनी होता है। लेकिन लोग अपने गाड़ी को यूनिक बनाने के लिए उसके साथ छेड़छाड़ कर बैठते हैं जिसका उन्हें आगे चलकर हर्जाना भरना पड़ता है।

मोटर व्हीकल एक्ट 2019 में जोड़े गए नए प्रावधानों के मुताबिक किसी भी वाहन में अलग से प्रेशर हॉर्न लगाना गैरकानूनी है। इसके कारण आपके साथ -साथ आपके आस -पास के लोगों को भी परेशानी होती है। आइये जानते हैं प्रेशर या फिर फैंसी हॉर्न लगवाने पर कितने का कटता है चालान

देखते ही पुलिस काट देती है चालान

आपने कई बार ट्रकों या कारों में काफी तेज हॉर्न की आवाज सुनी होगी जो परेशान करने वाली होती है । अगर किसी वाहन में ऐसा फैंसी सायरन और प्रेशर हॉर्न लगा हो तो पुलिस तुरंत उसे रोककर चालान काट देती है, क्योकि ये भी अवैध संशोधनों की सूची में आती है।

मॉडिफिकेशन की श्रेणी में आता है ये काम

वाहन निर्माता कंपनी अपने वाहनों में दिए जाने वाले सभी फीचर्स को सरकार द्वारा निर्देशित मानकों और वाहन मालिक के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाती है। उसमें कुछ भी मॉडिफाई करवाना गौरकानूनी होता है। लेकिन लोग अपने गाड़ी को यूनिक बनाने के लिए उसके साथ छेड़छाड़ कर बैठते हैं, जिसका उन्हें आगे चलकर हर्जाना भरना पड़ता है।

कितनी का कटता है चालान

अगर आप अपने हॉर्न को बाहर मार्केट से चेंज करवाते हैं और उसकी ध्वनी काफी तेज होती है तो उसे फैंसी प्रेशर हॉर्न की नजर से देखा जाता है। ऐसे लोगों को देखते ही रोक लेती है ट्रैफिक पुलिस। चालान की बात करें तो नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये का भारी भरकम चालान कट जाता है। इसके साथ-साथ पुलिस हॉर्न भी निकाल लेती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि गाड़ियों प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों को भी काफी समस्या होती है।

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