Kerala केरल: तिरुवनंतपुरम में सोमवार (18 मई, 2026) को एक ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम के तहत कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। शपथ ग्रहण समारोह राजधानी स्थित सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मंच पर पहुंचकर वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर पूरा माहौल राजनीतिक उत्साह से भरा हुआ नजर आया और समर्थकों में खासा जोश देखने को मिला।

इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार ने औपचारिक रूप से सत्ता संभाल ली है। लंबे समय बाद यूडीएफ की सत्ता में वापसी को केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

वी.डी. सतीशन के साथ ही उनकी पूरी कैबिनेट ने भी शपथ ली। नई सरकार में कांग्रेस के 11 मंत्री शामिल किए गए हैं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) से 5 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी गई है। इसके अलावा यूडीएफ के अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

विश्लेषकों के अनुसार यह कैबिनेट गठन गठबंधन संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि सभी सहयोगी दलों को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। यूडीएफ नेतृत्व का मानना है कि यह सरकार सभी वर्गों और क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखकर काम करेगी।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हजारों की संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में कांग्रेस और यूडीएफ के वरिष्ठ नेताओं की भी उपस्थिति रही।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह सत्ता परिवर्तन केरल की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ता है, जहां यूडीएफ एक दशक बाद फिर से सत्ता में लौटा है। वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में सरकार से विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में नए कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल नई सरकार के सामने कई चुनौतियां भी हैं, जिनमें आर्थिक विकास को गति देना, प्रशासनिक सुधार और गठबंधन सहयोगियों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रमुख रूप से शामिल है।

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