
Kerala केरल: केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) एक दशक बाद सत्ता में वापसी कर रहा है। मुख्यमंत्री बनने वाले वी डी सतीशन सोमवार सुबह 10 बजे तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ पूरी 20 सदस्यीय कैबिनेट भी शपथ ग्रहण करेगी।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसे राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। वी डी सतीशन के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार से राज्य में नए राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है।
नई कैबिनेट में कांग्रेस और सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इसमें कांग्रेस के अनुभवी नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के कई वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।
VIDEO | Kerala: Congress workers gather at CM-designate VD Satheeshan's house in Thiruvananthapuram.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 18, 2026
VD Satheesan will take oath as the Chief Minister of Kerala later today at the Central Stadium in Thiruvananthapuram.
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/QpVFV5fNAm
IUML नेताओं में पीके कुन्हालीकुट्टी, पीके बशीर, एन समसुधीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर शामिल हैं, जिन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। इस गठबंधन सरकार को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है, क्योंकि यह कई वर्षों बाद UDF के लिए सत्ता में वापसी का अवसर लेकर आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वी डी सतीशन के नेतृत्व में नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी, जिनमें विकास कार्यों में तेजी लाना, रोजगार सृजन, आर्थिक सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है। साथ ही गठबंधन सरकार होने के कारण सभी सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होने की संभावना है। तिरुवनंतपुरम में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
UDF की यह वापसी राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। इससे पहले LDF सरकार लंबे समय तक सत्ता में रही थी, लेकिन हाल के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
फिलहाल सभी की नजरें नई सरकार की नीतियों और फैसलों पर टिकी हैं, जिनसे यह तय होगा कि आने वाले समय में केरल की राजनीतिक और विकास दिशा किस ओर जाती है।





