इडुक्की। केरल के इडुक्की जिले में एक युवक ने अपने माता-पिता की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने घायल माता-पिता का वीडियो बनाकर एक रिश्तेदार को भेज दिया। वीडियो मिलने के बाद रिश्तेदार ने स्थानीय पादरी और पड़ोसियों को इसकी सूचना दी। लोग घर पहुंचे तो दंपति मृत अवस्था में मिले। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
घटना इडुक्की जिले के नेदुमकंडम क्षेत्र अंतर्गत एझुकुमवायल स्थित एक मकान में शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई। मृतकों की पहचान एंटनी और उनकी पत्नी वालसम्मा के रूप में हुई है। आरोपी उनका बेटा अजीश बताया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उसकी उम्र को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। पुलिस इस मामले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले अजीश का अपने माता-पिता से विवाद हुआ था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर चाकू से दोनों पर कई बार हमला कर दिया। गंभीर चोटें लगने के कारण एंटनी और वालसम्मा की मौके पर ही मौत हो गई। घर में हुई वारदात की जानकारी आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत नहीं मिल सकी।
वीडियो मिलने पर रिश्तेदार ने दी सूचना
आरोप है कि हमले के बाद अजीश ने अपने घायल माता-पिता का वीडियो मोबाइल फोन से बनाया और उसे एक रिश्तेदार को भेज दिया। वीडियो देखकर रिश्तेदार घबरा गया और उसने तत्काल स्थानीय चर्च के पादरी तथा पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही लोग दंपति के घर पहुंचे, जहां दोनों गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर नेदुमकंडम पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित किया। पुलिस ने घर से कथित वारदात में इस्तेमाल चाकू और अन्य साक्ष्य जुटाए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद जांच शुरू की गई। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
 के अनुसार पुलिस ने बताया कि आरोपी को शराब और नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या थी तथा वह पहले नशामुक्ति केंद्र में उपचार करा चुका था। उपचार केंद्र से लौटने के बाद वह कथित तौर पर अपने माता-पिता से अक्सर विवाद करता था। हालांकि हत्या के पीछे का वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
 पुलिस के सामने किया विचित्र दावा
पुलिस के अनुसार हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसे भगवान का फोन आया था और इसके बाद उसने अपने माता-पिता को स्वर्ग भेज दिया। आरोपी के इस कथित बयान को लेकर पुलिस उसकी मानसिक स्थिति और व्यवहार से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। ऐसे बयान को फिलहाल घटना के प्रमाणित कारण के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
जांच अधिकारी परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। आरोपी के मोबाइल फोन को भी जांच के लिए कब्जे में लिए जाने की संभावना है। फोन में मौजूद वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और संदेश मामले की समयरेखा स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
 घर में मौजूद दादी को नहीं पहुंचाया नुकसान
घटना के समय आरोपी की बुजुर्ग दादी भी घर में मौजूद थीं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। बुजुर्ग महिला बिस्तर पर रहती हैं और उन्हें देखने तथा सुनने में परेशानी है। इसी कारण उन्हें घर में हुई वारदात की जानकारी रिश्तेदारों और पड़ोसियों के पहुंचने के बाद मिली।
पुलिस आरोपी को साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए शनिवार को घर लेकर आई। इस दौरान उसने कथित तौर पर अपनी मां के बारे में पूछना शुरू कर दिया। इसके बाद नेदुमकंडम पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।के मुताबिक पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और मोबाइल से मिले डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। घटना से एझुकुमवायल और आसपास के क्षेत्र में शोक तथा दहशत का माहौल है।
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