पलक्कड़। वट्टमन्नापुरम-चालावा-पोनपारा सड़क की बदहाल स्थिति ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव और क्षति के कारण लोगों को जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत और रखरखाव को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से इस सड़क को अपने अधीन लेने और व्यापक स्तर पर इसका पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों और मुस्लिम लीग नेताओं का कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति सामान्य यातायात के लिए चिंता का कारण बन गई है। सड़क कई गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरती है और पलक्कड़ तथा मलप्पुरम जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में इस्तेमाल होती है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर बड़ी संख्या में लोगों की दैनिक आवाजाही पर पड़ रहा है।

आठ मीटर चौड़ी सड़क की हालत खराब

वट्टमन्नापुरम-चालावा-पोनपारा सड़क करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबी है और इसकी चौड़ाई लगभग आठ मीटर है। यह मार्ग ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरता है। स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क आवागमन के साथ-साथ विभिन्न गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का महत्वपूर्ण साधन है।

सड़क के कई हिस्सों में क्षति और धंसाव के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी जमा होने और कमजोर हिस्सों के और धंसने की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण व्यापक स्तर पर काम नहीं हो पा रहा है।

पंचायतों के फंड से मरम्मत में परेशानी

सड़क के रखरखाव के लिए त्रि-स्तरीय पंचायतों की ओर से फंड मंजूर किया गया है। हालांकि, स्थानीय प्रतिनिधियों और लोगों का कहना है कि उपलब्ध राशि सड़क की पूरी तरह मरम्मत करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

सड़क की लंबाई और इसकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवल छोटे स्तर की मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जगह-जगह धंसी सड़क को दुरुस्त करने, जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और सड़क की मजबूती बढ़ाने के लिए बड़े बजट की जरूरत है।

मुस्लिम लीग का कहना है कि सड़क को PWD के अधीन लाने से इसके लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता और पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा सकेगा।

एक दशक से उठ रही है PWD अधिग्रहण की मांग

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क को PWD के अधीन लेने की मांग करीब एक दशक से की जा रही है। हालांकि, पिछली सरकार की नीति के कारण यह मांग आगे नहीं बढ़ सकी। उस समय पंचायतों के अधीन आने वाली सड़कों को PWD द्वारा अपने अधिकार में लेने की नीति लागू नहीं थी।

इसके चलते सड़क की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों के पास ही रही। सीमित फंड और सड़क की लगातार बढ़ती जरूरतों के कारण इसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।

अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मौजूदा सरकार इस नीति में बदलाव करेगी और महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों को PWD के अधीन लेने का रास्ता साफ करेगी।

पलक्कड़ और मलप्पुरम को जोड़ने वाला अहम मार्ग

वट्टमन्नापुरम-चालावा-पोनपारा सड़क केवल स्थानीय यातायात के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों के बीच संपर्क का भी प्रमुख माध्यम है। सड़क के जरिए कई गांवों और पहाड़ी इलाकों के लोगों को बाजारों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच मिलती है।

सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को अतिरिक्त समय और जोखिम के साथ यात्रा करनी पड़ रही है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और भारी बारिश के दौरान सफर करने वालों के लिए परेशानी बढ़ जाती है।

बारिश में बढ़ जाती है समस्या

इलाके में बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क के कमजोर हिस्सों में पानी जमा होने से धंसाव बढ़ने की आशंका रहती है। वहीं, जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सड़क की सतह को भी नुकसान पहुंचता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की स्थायी मरम्मत के साथ जलनिकासी की व्यवस्था भी सुधारी जाए तो भविष्य में होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

मुस्लिम लीग ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की

मुस्लिम लीग ने PWD से सड़क की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कराने और इसे अपने अधीन लेने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवल अस्थायी मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी।

उन्होंने सरकार से सड़क के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और व्यापक पुनर्निर्माण योजना तैयार करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय पंचायतों की ओर से उपलब्ध कराए गए फंड का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।

स्थायी समाधान की उम्मीद

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे सड़क की खराब स्थिति से परेशान हैं। बार-बार शिकायतों और छोटे स्तर की मरम्मत के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

अब लोगों की उम्मीद मौजूदा सरकार से जुड़ी है। उनका मानना है कि यदि PWD को सड़क की जिम्मेदारी मिलती है और पर्याप्त बजट स्वीकृत होता है, तो मार्ग का स्थायी समाधान संभव होगा।

वट्टमन्नापुरम-चालावा-पोनपारा सड़क के पुनर्निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा। फिलहाल सड़क के धंसाव और बदहाल स्थिति के बीच स्थानीय लोग सरकार और PWD की ओर से ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

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