सबरीमाला। केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के कपाट शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को थुलम महीने की मासिक पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खोल दिए गए। मंदिर खुलने के अवसर पर केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने पहाड़ी पर स्थित मंदिर पहुंचकर भगवान अयप्पा के दर्शन किए और प्रार्थना की। मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना शुरू हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था और आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों को लेकर भी गतिविधियां जारी रहीं।मंदिर के मुख्य पुजारी ई.डी. प्रसाद नंबूदरी ने तंत्री कंदारारु ब्रह्मदथन की उपस्थिति में गर्भगृह के द्वार खोले और पारंपरिक दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद मंदिर की 18 पवित्र सीढ़ियों के नीचे स्थित ‘आझी’ में पवित्र अग्नि जलाई गई। यह अनुष्ठान मंदिर की पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही थुलम मास की पूजा से संबंधित कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने किए दर्शन
मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे प्रमुख लोगों में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन, देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार और केरल के राज्य पुलिस प्रमुख रावाडा चंद्रशेखर शामिल रहे। इसके अलावा विधायक पझाकुलम मधु और सी.वी. शांतकुमार भी सन्निधानम पहुंचे।मुख्यमंत्री का मंदिर पहुंचना केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं था। उन्होंने सबरीमाला में आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों से संबंधित समीक्षा गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और आवागमन जैसे मुद्दे इस दौरान महत्वपूर्ण रहे। सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
18 पवित्र सीढ़ियों के पास जलाई गई पवित्र अग्नि
सबरीमाला मंदिर में पूजा की शुरुआत निर्धारित परंपराओं के अनुसार की गई। मुख्य पुजारी ने तंत्री की उपस्थिति में गर्भगृह के कपाट खोलकर दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद 18 पवित्र सीढ़ियों के नीचे स्थित आझी में पवित्र अग्नि जलाई गई। मंदिर की धार्मिक परंपरा में इन अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।थुलम मलयालम पंचांग का एक महीना है। इस अवधि में मंदिर को मासिक पूजा के लिए खोला जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को भगवान अयप्पा के दर्शन और पूजा-अर्चना का अवसर मिलता है। इस बार मंदिर 17 अक्टूबर की शाम खोला गया, जबकि नियमित दर्शन रविवार, 18 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से शुरू होने निर्धारित थे।
कई दशकों बाद नवरात्रि के महत्वपूर्ण दिनों में भी खुला रहेगा मंदिर
इस वर्ष की थुलम मासिक पूजा का विशेष महत्व है। मंदिर महनवमी और विजयादशमी के अवसर पर भी खुला रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, कई दशकों बाद ऐसा अवसर आया है, जब इन दोनों महत्वपूर्ण दिनों में सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान 22 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उसी दिन रात 10 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु निर्धारित समय के भीतर दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी कि धार्मिक कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें।
नए मुख्य पुजारियों के चयन की प्रक्रिया भी होगी
थुलम मास की पूजा के दौरान सबरीमाला और मलिकप्पुरम मंदिरों के नए मुख्य पुजारियों यानी मेलशांति के चयन की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। इसके लिए रविवार सुबह विशेष पूजा के बाद पर्ची निकालने की पारंपरिक प्रक्रिया आयोजित की जानी है। यह चयन मंदिर की धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जाता है।इस तरह सबरीमाला मंदिर में थुलम मास की पूजा धार्मिक अनुष्ठानों, दर्शन और आगामी तीर्थयात्रा की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी के बीच मंदिर में पूजा की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट 22 अक्टूबर तक खुले रहेंगे, जिसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के तहत मासिक पूजा संपन्न होगी।
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